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विजयादशमी

हर साल ही पुतला जलता है, मगर रावण कहाँ मरता है। जिस दिन 'राम' के हाथों तीर चलेगा, बस उस दिन ही 'रावण' मरेगा।। चारों और हैं कपट... Read more

क्यों तू एक औरत बनी

अस्तित्व को कुचला गया, और जिस्म को नोचा बहुत। अस्मत लूटी, बाजार में, सरेराह फिर, सोचा बहुत।। जो हो गया, वो गलत था, अब विरोध क... Read more