Roli Shukla

Greater Noida

Joined December 2017

I am too much passionate n ambitious about my goals

Books: दो साझा काव्य संकलन

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मुक्तक

जैसे हो शब ये चाँद सितारों सजी हुई। रोशन यूँ तेरे इश्क़ में ये जिन्दगी हुई। ‘रोली’ नहीं अकेली तलबगार-ए-मोहब्बत, दोनों तरफ़ है आग ब... Read more

मुक्तक

सपने अगर जो देखो,तो हों आस्माँ से आगे। मंजिल नहीं है मुश्किल, हों बुलन्द गर इरादे। ज़िद हो अगर दिये की कि वो रोशनी करे तो, हिम्मत ... Read more

मुक्तक

ये दर्द-ए-रूह जिसने महसूस किया होगा। उसने ही सिर्फ़ सच्ची मोहब्बत को जिया होगा। आयी हैं आँधियाँ जो उन सबका सबब ‘रोली’, हर सिम्त म... Read more

मुक्तक

आप जबसे मिले ज़िन्दगी बन गयी। दूर दुनिया से हर बन्दगी बन गयी।। पहले भी जिस समन्दर में डूबी रही, आयी बाहर तो प्यासी नदी बन गयी।। ✍... Read more

मुक्तक

मेरा मन मुझसे होकर रूबरू ‘रोली’ ये कहता है। कि उनका अक्स अक्सर मेरी परछाईं में रहता है। मैं चाहें कितना ही समझाऊँ खुद को पर मेरे द... Read more

मुक्तक

खुली हुई सी किताब हो तुम। सवाल मैं हूँ....जवाब हो तुम। करिश्मा क़ुदरत का ही कहेंगे, कि वाकयी लाजवाब हो तुम। ✍🏾’रोली’ शुक्ला Read more

मुक्तक

किया है तुमने जो वादा कहीं फिर तोड़ ना देना। दिले-दहलीज़ पर आके कहीं मुँह मोड़ ना लेना। तुम्हारे क़दमों में लाकर के खुदको रख दिया ... Read more

कविता

माँ बचपन की लोरी है,माँ दुनिया में सबसे भोली है, माँ गंगा सी पावन है,माँ निर्मल जल की एक धारा है।। माँ कभी धूप सी लगती है, कभी छाँ... Read more

मुक्तक

कुछ करना है तो मोहब्बत का दस्तूर जारी रखिए, दर्द गहरा है दवा उससे भी भारी रखिए।। आसाँ नहीं होता मुकम्मल इश्क़ यहाँ पे, अपना तो चुक... Read more

मुक्तक

माना कि उलझनों भरी है उनकी जिंदगी में, मैं चाह कर भी उन्हें सुलझा नहीं सकती।। खुश रखने की कोशिश न करूँ तो क्या करूँ, उम्मीदों का ... Read more

मुक्तक

रात ख्वाबों में सोचा कि आपको जन्मदिन का उपहार क्या दूँ? खयालों में फिर आया कि जो खुद गुलाब हो उसे गुलाब क्या दूँ? जिन्हें ईश्वर ने... Read more

कविता

कुछ तो वजह है ... जो वो इस कदर ... बदले बदले से नज़र आ रहे हैं ...1 कहते हैं मुझसे ... बेपनाह मोहब्बत करते हैं .. पर राज क्या ह... Read more

कविता

उलझा दिया उन्होंने मोहब्बत में इस तरह। दामन किसी गुलाब का काँटों में जिस तरह। इस कश्मकश में हूँ मैं कहूँ या कि ना कहूँ, चावल-सा ह... Read more

मुक्तक

लो स्वप्नसमर्पित सभी हमारे सिर्फ़ तुम्हारे वास्ते। अब हम ही हो गये तुम्हारे सिर्फ़ तुम्हारे वास्ते। ‘रोली’ क्या बतलाये कितनी उलझन ... Read more

मुक्तक

प्रेम में तहज़ीब की शुरुआत करती हैं। लब पे खामोशी निगाहें बात करती हैं। मत कहो ‘रोली’ तुम हाल-ए-दिल सबसे, खुद-व-खुद ज़ाहिर ये सब ... Read more

प्यार

कोई अब यहाँ प्यार करता कहाँ है? कोई प्यार में ऐसे मरता कहाँ है? कहाँ हीर-राँझा, कहाँ लैला-मजनूँ; अब ऐसा फ़साना भी मिलता कहाँ है... Read more

माँ

गीत लिखूँ या ग़ज़ल लिखूँ अंगार या कि श्रृंगार लिखूँ। समझ नहीं आ रहा मुझे बोलो! मैं क्या इस बार लिखूँ? पहले मैंने सोचा मैं वात्सल्य... Read more

मन के उदगार

उगा भी ना था सूरज और ज्यूँ की तंयूँ पड़ी थी रजाइयाँ। हुई नहीं थी सुबह के देने लगे सब क्रिसमस की बधाइयाँ।। दोस्तों एकबार सोचकर तो द... Read more

कुछ तो जरूर बदल सा गया है

परिवर्तन के इस बवंडर में, मोहब्बत के इस समंदर में, तेरे प्यार का अक्श घुल सा गया है। कुछ तो जरुर बदल सा गया है।। रोज़ सुबह चिड़ियो... Read more

प्रेम

मुद्दतों का सफर आसानी से कैसे तय कर पाएं हम। कितनी बेचैनी है इस मन में कैसे तुम्हे दिखाएँ हम।। तुम तो बहुत नादान हो हमारी मोहब्बत ... Read more

दिल न दुखाया कीजिये

जीवन अमूल्य है ,प्रेम और सम्मान से इसे जाया कीजिये, किसी शख्स पे बेवजह यूँ ना ऊँगली उठाया कीजिये।। मेरी भावनाओं को आहत करना और... Read more

अधूरे ख्वाब

बहुत तकलीफ देती हैं वो उम्मीदें, जो कभी पूरी नहीं होती, किसी के जुनून से हक़ीकत की, इतनी दूरी नहीं होती।। हर इक शख्स चिराग की तार... Read more

समर्पण

जीने की खातिर जितना ही साँस ज़रूरी है, उसी तरह मन में रूमानी एहसास ज़रूरी है।। मोहब्बत होने से पहले मन में प्रेम ,समर्पण, और एक-दूस... Read more

ख्वाईश

मेरी जिंदगी में अभी कुछ किरदार बाकी है, इस दर्द-ए-दिल पे तेरा इख़्तियार बाकी है।। मोहलत भी ना मिली हमें अबतक पल-दो-पल, अभी तो आँखो... Read more

प्रेम

ईश्वर का दिया हुआ इस जीवन को इक उपहार हूँ मैं, सृष्टि रचयिता की रचना में अभिन्न और साकार हूँ मैं। आप सभी लोगों की अनवरत प्रेम और स... Read more