रोहित शर्मा

रायपुर, छत्तीसगढ़

Joined September 2017

जन्म – 12 अक्टूबर, रायपुर, छत्तीसगढ़

जिंदगी आनंद से जीने पर विश्वास । जिंदगी काटने वालो से दूर रहना पसंद है। लोगो की परेशानिया दूर करना सबसे अच्छा लगता है। लिखना है ये सोच कर नहीं लिखता। लिखने के बाद ही सोचता हु की क्या लिख दिया।
मन के भाव कलमबद्ध हो जाते है बस और कुछ नहीं मैं कोई लेखक नहीं हु।

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परीक्षा

लो आ गयी परीक्षा, है प्रभु की इच्छा। साल भर कुछ पढ़ा नहीं, ज्ञान मन में गढ़ा नहीं। चिंता भयंकर छायी है परीक्षा की बेला आयीं है। ... Read more

समझाते रहे हम

ज़माने को समझाते रहे हम, अपनी बात मनवाते रहे हम। तक्लीफ मुझे थी ये बताते रहे हम अक्सर उनको भुलाते रहे हम। थी आंधिया गमो की लेकिन,... Read more

शहीद

शीर्षक - *शहीद* माँ सिसक रही बाप बिलख रहा, पत्नी बेसुध पड़ी रही। जब आया संदेशा रण से, ऑसुओ की धार बही। पूरा गाँव मातम पसरा, ... Read more

राही

ए आसमा जरा सोच के बरसना।। बड़ी मुद्दत से मिला है 'राही' बरसो बाद। हमारी अहमियत का अंदाजा तुम क्या लगाओगे 'राही'। जब जरुरत प... Read more

देख कर दशहरे का रावण

देख कर दशहरे का रावण मन हुआ फिर से अपावन उठ रहा प्रश्न बार बार जलकर भी उठ जाता है क्यों ये हर बार जा रहा था जब देखने रावण वध ... Read more

तू तो कठपुतली है उसका.........

लाख कर ले चालाकी, तू उससे बच न पायेगा। समझा नहीं है रब को, तू उससे क्या छिपायेगा। हजारो मिल गए ख़ाक में, जो खुद को शेर समझते थे। त... Read more

जीवन का शाश्वत सत्य

जीवन का शाश्वत सत्य भोर की बेला हुई, दिनकर की पलके खुली। इंतज़ार ख़त्म हुआ, सौगात लेकर आई नयी सुबह।। धीरे धीरे आँखे खोल रहा,स्व... Read more