Rohit Sharma

Joined November 2018

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माँ

न केवल जगत् का आधार है अपितु आकार भी है तू निराकार को साकार कर जगत् है दिखलाती तू निस्सन्देह निष्कपट प्रेम है जतलाती तू अनवरत... Read more