Rohitashwa Mishra

Joined January 2017

“रोहित”
फ़र्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश)

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एक ग़ज़ल "बह्र-ए-जमील" पर

इक अजनबी दिल चुरा रहा था। करीब मुझ को' बुला रहा था। वो' कह रहा था बुझाए'गा शम्स, मगर दिये भी जला रहा था। वो' ज़ख़्म दिल के... Read more