rajesh Purohit

Joined October 2017

अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों में काव्यपाठ करना ,मंच संचालन करना .।गद्य व पद्य की दोनों विधाओं में लेखन।
राष्ट्रीय स्तर की पत्र पत्रिकाओं में सतत लेखन। आशीर्वाद ,अभिलाषा,काव्यधारा प्रकाशित।

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पुस्तक समीक्षा

पुस्तक समीक्षा कृति:- हिन्दी लेखन अभ्यास पुस्तिका लेखक:- अब्दुल कलीम खाँ अध्यापक,राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सेवली(सीकर... Read more

समाचार

समाचार *विलक्षणा का सम्मान समारोह 14 जुलाई को रोहतक में होगा* *हरियाणा के शिक्षा मंत्री के कर कमलों से होगा देश की ख्यातिनाम ... Read more

लघुकथा:- आकर्षण

लघुकथा आकर्षण ******** - राजेश कुमार शर्मा"पुरोहित" कहानीकार संगीता की ससुराल में सब अमन चैन था । खाता पीता परिवार... Read more

कविता:- शब्द ब्रह्म है

शब्द ब्रह्म है ********** शब्द तो ब्रह्म है, शब्द शब्द में प्राण है। शब्द लक्षित होते, शब्द ही विज्ञान है।। शब्द से लिखी रा... Read more

कविता

वन्य प्राणी संरक्षण जंगल सारे ही तुम काटे जा रहे हो। अरे भाई ये तुम ये क्या कर रहे हो।। बस रही है बस्तियाँ खेतों में यहाँ। ... Read more

कविता

धन सब झगड़े होते आज धन के लिए जिसके पास है ज्यादा वह धनी है साम दाम दण्ड भेद से धन पाना रिश्तों को रख ताक में धन लाना धन के लि... Read more

कविता

श्रीकृष्ण जन्म पर खास प्रस्तुति रास रचैया कृष्ण ************* कारागार में जन्म लियो हरि। अष्टम पुत्र देवकी को जायो।। पूतन... Read more

कविता

राष्ट्रसंत मुनि तरुण सागर महाराज को समर्पित महावीर के सिद्धांतों को जिसने जग में फैलाया। दिगम्बर रह कर जीवन में सच्चा संत कहलाया... Read more

कविता

क्या हम आजाद है... आज भी हम अंधविश्वास अन्धश्रद्धा में लूट रहे तांत्रिक नकली संत देखो अस्मत लूट रहे बेरोजगारी से दुखी नारी उ... Read more

कविता

माँ की महिमा कलम लिख नहीं सकती माँ की महिमा इतनी गहरी माँ की सेवा जन्नत का द्वार माँ के चरणों मे होता उद्धार माँ की पूजा घर- घ... Read more

कविता

किसान आओ श्रमवीर और गंभीर भारत के तुम हो किसान शीत ताप वर्षा सहते तुम सहते आंधी और तूफान संघर्षों से ही जीवन जीते दूर करते म... Read more

कविता

आरक्षण की आग आरक्षण की आग में जातियाँ झुलस रही बंद, हड़ताल, प्रदर्शन से जनता तरस रही भारत की एकता अखण्डता कैसे रहे अब जाति, धर्... Read more

कविता

धरती राजस्थान की कण कण जिसका यश गाता वह धरती राजस्थान की..... राणा प्रताप से स्वाभिमानी पन्ना जैसी स्वामिभक्त यहाँ भामाशाह से... Read more

कविता

हकीकत अक्सर गरीबों को लड़ते झगड़ते देखा है। रोटी के लिए बच्चों को बिलखते देखा है।। नवयुवकों को बन ठन के संवरते देखा है। नशे मे... Read more

कविता

अग्नि परीक्षा कल्पना चावला सी बेटियाँ अंतरिक्ष मे सफर करती है इंदिरा सी होती है बेटियाँ राजनीति में नाम करती है पी टी उषा बन ... Read more

कविता

नन्ही दुल्हन छोटी सी उम्र में दुल्हन बनी हल्दी भी लगी मेंहन्दी रची न कोई रिश्ते नाते समझी न कोई रीति रिवाज जानी रोज घर के आगे... Read more

कविता

फागुन आयो ********** अलविदा बसंत फागुन आयो रंग बिरंगी संग होली लायो चंग ढप ढोल डफली बजी ढोल की थाप पर नाचे नर नार रे टेसू ... Read more

कविता

फल फूलों से भरा बसंत हो ********************* देश में भ्रष्टाचार का अंत हो। फल फूलों से भरा बसंत हो।। लुटे नहीं दिन दहाड़े कोई ... Read more

कविता

विकसित हिंदुस्तान **************** आओ विकसित देश बनाएँ विज़न दो हज़ार बीस अपनाएं सुंदर प्रकृति को हम बचाएं गीत खुशी के मिलकर गाएँ... Read more

कविता

कविता हमें जान से प्यारा है भारत प्यारा वतन हमारा हमें  जान से प्यारा है तीन रंग का तिरंगा हमारा हमें जान से प्या... Read more

कविता

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर मेरी रचना बहुमुखी प्रतिभा के धनी अटल बिहारी है। राजनीति के सरताज अ... Read more

कविता

कविता प्रतिस्पर्धा देखते हो आप हर जगह एक प्रतिस्पर्धा हर कोई आगे निकलना आगे बढ़ना चाहता है इसके लिए दिन रात सुबह शाम ... Read more

कविता

शाश्वत सत्य:- जिंदगी ये तन हाड़ मांस का पुतला क्षण भंगुर इसके रूप अनेक सुंदरता कुरूपता गुण अवगुण सारे बालपन युवा किशोर बुजुर्... Read more

गीत

वन्दे मातरम वन्दे मातरम वन्दे मातरम गान करो आज़ादी के नारे का मिलकर गुणगान करो सुभाष आज़ाद भगत बिस्मिल अशफाक सभी को याद करो जिन... Read more

कविता

दीप तुम जलते रहो,अंधकार हरते रहो। नव उल्लास के साथ नई राह चलते रहो।। मंजिले करीब है दुश्मनों से लड़ते चलो। काम क्रोध... Read more

दोहे

1.सप्ताह का दिन रविवार,काम होते है हज़ार। घर परिवार में गुज़ार, खुशियां मिले अपार।। 2.मौज सभी मिलकर करो,आया फिर रविवार। अपनो से बात... Read more

कविता

वनवास पूर्ण हुआ राम अवध आये अमावस की रात उजियाला हुआ राम लौट आये घर रोशन हुए कतारें दियों की सजी धजी है हर और उमंग नव उल्ला... Read more