rajesh Purohit

Joined October 2017

अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों में काव्यपाठ करना ,मंच संचालन करना .।गद्य व पद्य की दोनों विधाओं में लेखन।
राष्ट्रीय स्तर की पत्र पत्रिकाओं में सतत लेखन। आशीर्वाद ,अभिलाषा,काव्यधारा प्रकाशित।

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दोहे

1.सप्ताह का दिन रविवार,काम होते है हज़ार। घर परिवार में गुज़ार, खुशियां मिले अपार।। 2.मौज सभी मिलकर करो,आया फिर रविवार। अपनो से बात... Read more

दोहे

1.सप्ताह का दिन रविवार,काम होते है हज़ार। घर परिवार में गुज़ार, खुशियां मिले अपार।। 2.मौज सभी मिलकर करो,आया फिर रविवार। अपनो से बात... Read more

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1.सप्ताह का दिन रविवार,काम होते है हज़ार। घर परिवार में गुज़ार, खुशियां मिले अपार।। 2.मौज सभी मिलकर करो,आया फिर रविवार। अपनो से बात... Read more