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भाजपा छोड़ दे अब सरकार

बेरोजगारो की है चीत्कार -भाजपा छोङ दे अब सरकार झूठे प्रलोभन देकर छला है हमको । चलती थी विकास की बाते सुबह से लेकर शाम को । वादा क... Read more

हिंदी भारतीयो की प्रथम पहचान

हिंदी जो मर जाएगी तो । क्या यहाँ रह जाएगा । आत्मा निकल जाएगी केवल शरीर रह जाएगा । हिंदी भारतीयो की है प्रथम पहचान है । अरे ! जिस... Read more

मां जब मै रोजगार पाऊँगा ( बेरोजगारी की चीत्कार )

रोजगार पाने से पहले । एक लङका अपने परिवार से । क्या-क्या वादा करता है । और अपने मां से । क्या वो कहता है । मां मै जब नौकरी पाऊँ... Read more

सुशांत सिंह राजपूत अभिनेता विचित्र ( RIP )

दिल तो यही रो -रोकर पूछे बार -बार ।😭😭😭 क्यो तुम चले गए इतना जल्दी । उभरते हुए चमकते हुए सितारे थे।⭐⭐⭐🌟🌟 छा गए थे चारो तरफ । ऐसा ... Read more

कोरोना की चीत्कार

दिख न रहा अब कोई महान । जान ले लेगी ये वैश्विक महामारी । कोरोना के आगे कम पङ रहा कब्र श्मशान । कुदरत से खिलवाड़ का पुरा धरा भुक्ते... Read more

हमारे अंदाज और आवाज मे कोरोना

मजदूर पलायन कर रहे । सब शहर से अपने गाँव । भूखे-प्यासे कब तक रहेंगे । ये लॉकडाऊन धूप छाँव । कोरोना ना, ना,ना कुदरत से खिलव... Read more

वाचाल पौधा

पगडंडी पर चलते एक पौधा देखा । देख चलता चला । पौधे ने कहा हे ! मूढ़ कहा चला कर अनदेखा । मैने उस पौधे को देखा जो था बोलता । बोला झ... Read more

शाहजहाँ के ताजमहल के मजदूर

लोहे को पिघलाकर जो उसका आकार बदल देता है । ईट -ईट को जोड़कर जो महल खड़ा कर देता हैं । अपने श्रम का दान कर, जो दूसरो का काम कर जाता ह... Read more

फूटे आंख न सुहाती ।

हम कुछ ऐसे उनसे कहे । कि वे मुझपर नाराज हो बैठे । ऐतराज कर बैठे । सच्चाई उनके मुख पर कहां । तो उन्हे फूटी आंख न सुहाई । ये कैसी... Read more

कोरोना से उलझने की जरूरत क्या है ?

यूं बेवजह घर से निकलने की जरूरत कया है ? 2 बेवजह ही यूं मौत से आंखे मिलाने की जरूरत क्या है ? सबको मालूम है, बाहर की हवा है कात... Read more

लङकियो को ही लाइक क्यो ?

हमने भी कुछ लिखा है, उसे भी तो पढ लो । मोहतरमा के रचना को देखकर लाइक किया । या फिर चेहरे को, अब हमे पता चला कि । रिश्ते सब मतलब क... Read more

कोरोना वाली दिवाली

आज घर के चौखट ,छत पर । ये कैसी फैली किरण है । दीप, मोमबत्ती का कैसा ये प्रकाश प्रखर है । कोई टार्च जलाए &,फ्लैश लाइट जलाए मो... Read more

मैं हार नही मानूंगा ।

मैं हार नही मानूंगा । मै हार नही मानूंगा । जीवन की डगर पर । किसी भी प्रहर पर । या मैं रहूं किसी भी प्रखर पर । सीखने की हद से गु... Read more

खुलकर जियो

हर तरफ ये बेचैनी के उठ रहे गुबार क्यो पल भी अगर खुशी से जी लिए तो मै समझता हूँ कि वो। सौ साल जीने से भी बेहतर है । सौ दिन गीदङ ... Read more

दिल से खेलना

वक्त नही है आपको हमारे लिए । हम तो करना कुछ चाह रहे तुम्हारे लिए । उदास क्यो हो, खामोश क्यो हो ? नाराज क्यों हो, करते ऐतराज क्यों... Read more

लू

आ ही गई उमस भरी गर्मी । खोती चली जा रही नमी और नर्मी । वो दोपहर की है अब लू चली । हवाओ का झोंका गर्म हुआ अब । सबका माथा टनक रहा... Read more

प्राण vs प्रण

प्राण भले ही चल जाएगा । पर प्रण न कभी जाएगा । कहा जो हमने था तुमसे । दृढ है अटल चाहे रहूं गम मे । भले क्यूं ही न मेरा सिर कट जा... Read more

विश्वासघाती लोग

दुनिया मे हमको क्यों ? बुरे लोग ही मिलते है । अच्छी बाते करते थे पहले । जिसका मैं कायल था । मिलते रहे हम उनसे । अपना समझकर हमद... Read more

दूरदर्शन पर रामायण लाइव है ।

देख जिसको सब मोह भुलाना । मुक्ति के द्वार का तय है खुल जाना । सब लोग देखे ये सबका दायित्व है । दूरदर्शन पर रामायण लाइव है । नैन ... Read more

जिद्द

लाख सहे गर सितम भी तो क्या । चाहे करे न कोई रहम भी तो क्या । हम आगे ही बढते जाएंगे । भले ही दफन हो जाएंगे । Rj Anand Prajapati Read more

प्राकृतिक के गोंद मे शान्ति मिलता है ।

बैठ किनारे शान्ति मिलती है । उन सफेदो के बीच तालाबो पर । छपाक से है ढेले मारते । उसकी आवाज निकलते ही । लगता है मछली कलबलाती है ।... Read more

शतरंज का खिलाङी

शतरंज के खिलाड़ी है । थोड़े हम अनाङी है । पर कच्चा न समझना हमे । इस दुनिया की तासीर मे । हम वो है जिससे दुनिया सारी है । Rj Ana... Read more

पुत्र की करूणा

इन्ही गलियो से उठेगा एक दिन जनाजा मेरा । रोएंगे अपने सगे, पसरा है सन्नाटे का घेरा । किसको कितना मुझसे प्यार है । काश मै देख सकता ... Read more

पिता

पिता के कंधे पे चढ कर आसमां नापा । पढाकर मेरे सिर पर बांधा शिक्षा का साफा । अपने वो दुःखो मे रहे, ताउम्र मेहनत करते रहे । पर दुःख... Read more

बेटियाँ

ओस की एक बूंद सी होती है बेटियाँ । स्पर्श खुरदरा हो तो रोती है बेटियाँ । रोशन करेगा बेटा तो एक ही कुल को । दो-दो कुल की लाज होती ... Read more

कवि प्रदीप और मेरी कोरोना के संदर्भ मे पंक्तिया

पूरे देश मे आज ये क्या हो गया है । महामारी के पीङा से सारा अरमा ढह गया है । कैसी ये मनहूस घङी है । सबकी अपनी आन पड़ी है । कोरोना ... Read more

पैदल चल दिए

भूख -प्यास से तङप रहे सब । इस कोरोना की महामारी मे । खासकर उनको जो कमाने गए थे शहरो मे । यातायात के साधन सब बंद है इस आफत की अंगङ... Read more

चाहत की तलाश

हमको भी देखो । हमे भी पढो न । कोई तो आओ न । मन है उदास । न जाने क्यूं । कोई तो आकर बहलाओ न । जी सकता नही हूं मै । तेरे बैगर त... Read more

दुनिया रंगमंच है *(विश्व रंगमंच दिवस 27 मार्च )

अपना अभिनय दिखा । कभी हंसा देते कभी देते रूला । पर्दे पर वे सब कुछ जता देते । जीवन की सच्चाईयो से हमे । रूबरू करवा जाते है । का... Read more

दलितो की हुंकार

काटो सवर्ण जाति के शिराओ को । देखो उसमे क्या खून नही । दलितो की भांति सताओ उनको । देखो क्या उनमे जुनून नही । रखो भूखे उनको । दे... Read more

वाणी को वीणा की मधुर तान बना दो

एक किसान ने अपने पड़ोसी की निंदा की । अपनी गलती का एहसास होने पर वह पादरी के पास क्षमा मांगने गया । पादरी ने उससे कहा कि वह पंखो से भ... Read more

पाकिस्तानी विरोधी नारे

पाकिस्तान को समझाना । भैंस के आगे बीन बजाना । सीधे अंगुली से घी नही निकलता । मुश्किल है लातो के भूत को बातो से समझाना । बहुत ब... Read more

बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर शान्ति के अग्रदूत

संविधान बनाकर असली आजादी दिलाया । बाबा ने, बाबा ने । हमे जीना सीखाया । बाबा ने, बाबा ने । गूंगे को जबान दिया । बाबा ने बाबा ने ... Read more

परिस्थितियो के सामने सबको झुकना पड़े

चाहे पत्थर तोड़ना पड़े, चाहे खून जलाना पड़े । परिस्थितियो के तो सामने सबको झुकना पड़े । देवता भी न तो बच सके जब हम ग्रन्थ उठा के पढे ।... Read more

रूपये से प्यार

प्यार इतना न करो की । जीना दुश्वार हो जाय । आंच इतना न दो की । अनाज जलकर खाक हो जाय । प्यार नही ये मेरे साथ तुमने किया है खेल प... Read more

तुम युवा हो

नयी उमंग है, नया खून है, नयी है ये जवानी । आपके मे तो सबकुछ करने की रहती है सनसनी । चाहे तो जग को हंसा दो, चाहे तो जग को रूला दो ।... Read more

तुमको क्या कहूं

तुम्हे चांद कहूं या आफताब कहूं । या फिर कोई शवाब कहूं । जो भी है तेरी नजरो को देखकर । हम तो तुम्हे लाजवाब कहूं । नाकनटी सी लगती ... Read more

कृष्ण हठ

मै गैया चराने नही जाऊंगा । दाऊ ने बहुत खिझायो । साल दो साल नही जाऊंगा । दाउ ने बहुत खिझायो । पहला संदेशा गोपियो का आया -2। अच्छ... Read more

इस समय आप जो भी कुछ है अपनी सोच और पूर्व कर्मो के परिणाम से है । हौसले से सब कुछ होते है ।

वे भी कुछ कहना चाहते है जिनके आवाज नही होते । उनकी भी तकदीर होती है जिनके हाथ नही होते । जब इन्हे देखता हूँ तो हौसला जग जाता है । ... Read more

मच्छर

कीट है बङा खूंखार । खून है जिसका आहार । सफेदा -नीम की पत्ती सुलगाकर । कर दो इसका समूल नाश । मच्छरदानी मे देखो ये न घूंस पाए । ग... Read more

मां का गुणानुनाद

मां के वीणा से ये कैसी निकल रही तान है । इसी से चमन मे अमन, राग का विहान है । हे! मां तुझसे ही चल रहा ये जहान है । हाथो मे देख शं... Read more

तांडव मंत्र कोरोना

रूप है बङा प्रचण्ड । फैला ये खण्ड -खण्ड। चीत्कार से इसके सभी । धरा है पूरा झण्ड -झण्ड। शोक, रोग से पूरा हुआ । मटियामेट सब यहां ... Read more

बालक मजदूर

देखा पथ पर । मजदूरो का जत्था । चिलचिलाती धूप मे । करते रहे थे काम । सोच रहे थे । काम करे की आराम करे । इस तपती दोपहरिया मे । ... Read more

अविराम

आसमाँ छूने की आशा मे हम चलते जाएंगे । पांव भले ही थक जाए हम आगे बढते जाएंगे । मंजिल पाकर ही वापस लौट के आएंगे । चाहे विजय हो या प... Read more

हिंदी भारतीयो की पहचान

हिंदी जो मर जाएगी तो । क्या यहाँ रह जाएगा । आत्मा निकल जाएगी केवल शरीर रह जाएगा । हिंदी भारतीयो की है प्रथम पहचान है । अरे ! जि... Read more

हम भी कवि है

ये कैसी गुमशुम सी बनी तुम्हारी छवि है । बात है क्या तुम बोलो मची ये कैसी खलबली है । दूर सब होगी समस्याए तू चलने वाला राही है । हम... Read more

नजर

नजर तू देख रही किधर है । बुराइयो का जिधर कोई बवंडर है । हे! तू अच्छा क्यो नही देखती है । लगता हैं तू डूबी हुई मदहोश मे । ये कैसा... Read more

सुने है लॉकडाउन है ।

वो पहन कर आखिर क्यो घूम रहा गाउन है । घर से बाहर कोई न निकले सुने है सब लॉकडाउन है । अमेरिका, चीन, इटली और फ्रांस । के दिख रहे है... Read more

कोरोना का सन्नाटा

सब घर क्यो बना कैदखाना है । इंसान सच्चाई से क्यो बेगाना है । यही आज हमने सच्चाई जाना है । सङक है खाली, सन्नाटा है क्यों पसरा । ल... Read more

फिर लिखेंगे

वक्त जब आएगा अपना तो । फिर वह व्यूह रचेंगे । अभी कुछ भी कहो आगे । जरूर इतिहास रखेंगे । जितना भी दुःख, दर्द सिरो पर। पर उसको सहत... Read more