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वज्र सीख

प्रभुहि न देहि क्लेश दुःख । सर्व कारण आप ही ।। उलूक देख न वार मे । सो दोष रवि नाहि ।। हरेक मनु गुलाम मनहि । जीवन सफल न ... Read more

मत पढना

पढ - लिख सगरो उम्र गई । मिला न मनका मीत ।। गुण सीख कर शहर गया । बने जीवन अमृत ।। बिन पढे लिखे ... Read more