ऋतुराज दवे

राजसमंद(राज.)

Joined September 2017

जन्मतिथि- 6-10-1974
शिक्षा – एम.ए. – हिंदी
बी.एस.सी. -प्राणी विज्ञान
बी. एड.
कार्य –वरिष्ठ अध्यापक(विज्ञान),लेखक,संस्थापक “भावों के मोती”हिंदी साहित्य समूह l
rituraj60945@gmail.com

Books:
* साझा संग्रह
1. हाइकु मञ्जूषा (हाइकु)
2. सागर के मोती (पिरामिड)
3.अपनी शान तिरंगा(काव्य संग्रह)
सम्मान -पिरामिड शिरोमणि (जसाला समूह)

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"नारी"

(1) प्रेम बसता नारी सम्मान जहां सुख टिकता (2) रस्सी पे चाल पीहर -ससुराल नारी कमाल (3) अभिन्न मित्र मुस्कान और श्रम नारी क... Read more

"शिव"

(1)🌿 शिव विवाह भूत-प्रेत बाराती सवारी नंदी (2)🌿 विरह अग्नि शिव का अलंकार सती की भस्म (3)🌿 राख़ विरक्ति शिव एक तपस्व... Read more

"पवन"

(1) "पवन"घोड़े बैठ के आये मेघ सूखे को देख (2) दिखे ना टिके मौसम की गोद में "पवन" खेले (3) अँगुली सँग बाँसुरी रँगमंच नाचे ... Read more

"दीप/दीपक"

बुराई का अंधेरा डसता रहा, दीप अच्छाई बन चमकता रहा, कर्म का तेल, एकता की बाती, रोशन जहाँ को करता रहा l स्वयं में साहस भरता रहा,... Read more

"सरहद"

(1) देश को चैन "सरहद" पे जागे रक्षक नैन (2) उड़ते पंछी "सरहदों" के पार सिमटे इंसां (3) दीवाली गोली "सरहद" त्यौहार ... Read more

"अतिथि"

(1) तन सराय मोह-माया सामान "अतिथि" साँस (2) वक़्त अभाव "अतिथि" से करती दीवारें बात (3) मन के घर घृणा-प्रेम अतिथि ... Read more

"कलम"

"कलम" सृजन भी साधना, साधन है कलम, माँ शारदेआह्वान, भावों का आगमन l अनुभव की स्याही, जब भर लेता मन, कागज के मंच पे, ख... Read more

शहीद

🇮🇳 शहीदों की शहादत को, नमन सौ बार करता हूँ, मैं अश्रु पुष्प चढ़ाकर , समर्पित भाव करता हूँ, नहीं कोई बड़ा है धर्म, वतन की ईबादत से... Read more

माँ शारदे स्तुति

हे कमल पद्मासनी ज्ञान का वरदान दो..... भावों में उतर के माँ लेखनी सँवार दो जो मंत्रमुग्ध कर दे मन वाणी को निखार दो हे... Read more