Ritu asooja Asooja

Rishikesh (Uttrakhand)

Joined January 2017

जिस तरह समुंदर में लहरों का आना जाना लगा रहता है, इसी तरह मन मन्दिर भी विचारों का आना जाना जाना लगा रहता है , अपने विचारों को सही दिशा देकर परमात्मा की प्रेरणा से कुछ मनोरंजक, प्रेरणादायक लिखने की कोशिश करते रहतीहूँ जिससे मेरा और समाज का सही मार्गदर्शन होता रहे।
“जीते तो सभी हैं,पर मनुष्य जीवन वह सफल है ,जो किसी के काम आ सके “?????

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*सकारात्मकता के बीज*

जब से मुझे सकारात्मकता के बीज मिले हैं ,मानों मैं तो मालामाल हो गया अरे, ये तो बहुत कमाल हो गया । अब तो मैं सकारात्मकता के बीज ... Read more

*मीठी सी तपिश*

सर्दियों के दिन बादलों की ओट में से निकलती वो मीठी सी तपिश तन को सेकती हल्के से कहती कितनी मीठी है है ये धूप । मानों माँ ... Read more

*साहित्य समाज का दर्पण है *

?साहित्य समाज का दर्पण है साहित्य के लिये मेरा जीवन अर्पण है । साहित्य क्या है ? सा+हित यानि जो सबके हित मे हो प... Read more

**कविता**जिन्दगी का सफ़र **

आप सब जानते हैं हम सब जीवन के सफ़र पर है दुनियाँ की यात्रा , जीवन का यर सफ़र थोड़ा लम्बा है ,यात्रा में सामान की आव्यशकता अधिक... Read more

**उम्मीद की किरण **

उम्मीद ,?ही तो है, जो मैदान छोड़कर जाते हुए को कहती है चल एक कोशिश? ओर करके देखते हैं, क्या पता? इस उम्मीद के साथ शायद☺ इस ब... Read more

** दास्तान ऐ जिन्दगी**

http://uchaiyaan.blogspot.in/2017/05/blog-post_17.html Read more

**मेरा मसीह**

मेरा मसीह** ***** मैं जो भी करता हूँ, मेरे फ़रिश्ते के कहे ,अनुसार करता हूँ क्या लाभ होगा, मैं नहीं सोचता "मैं" वो करता हूँ , जो... Read more

**कविता**

---------क्या आप मेरी बात से सहमत हैं ? **कविता** ** * * एक अनपढ़ भी कविता रच सकता है क्योंकि कविता आत्मा क... Read more

*शुभ संकेत* ??????

? * शुभ संकेत*? पथरीली राहें,मिट्टी की गोद, कभी चिलचिलाती धूप , कभी आँधी-तूफान में रहकर ही एक वृक्ष है फलता-फूलता... Read more

*स्वर्गमयी ऋषिकेश*

स्वर्गमयी ऋषिकेश* *ऋषिकेश* यह वास्तव में देवों की धरती है गौ मुख से प्रवाहित ,गंगोत्री जिसका धाम , अमृतम... Read more

*सुप्रभात*

*सुप्रभात ** ******** ?वन्दन परमात्मा ,? एक और नयी सुबह नयी-नयी अभिलाषाएं नव निर्माण को एक और क़दम नयी पी... Read more

*स्वास्थ्य धन* "स्वास्थ्य दिवस पर विशेष"

**स्वास्थ्य धन** * स्वास्थ्य यानी तन-और मन दोनों की सुदृणता * जहाँ *शारीरिक स्वास्थ्य के लिये पौष्टिक आहार ,व्यायाम ,योगा लाभद... Read more

*अवसाद या डिप्रेशन पर विशेष*

अवसाद या डिप्रेशन *पर विशेष * अवसाद या डिप्रेशन *पर विशेष * *क्या हुआ जो हम किसी के जैसे नहीं हम जैसे है , वैसे ही अच्छे है... Read more

*महिलायें * *समाज की नींव *?

*महिलायें * *समाज की नींव *? महिलायें समाज की नींव हैं ,और नींव का मजबूत होना अति आवयशक है ,नींव मजबूत हो तो ऊपर की इमारत सालों... Read more

मोहब्बतों का दिया ??

मोहब्बतों का दिया ?? मोहब्बतों के दिये जला कर ,रोशन कर रहा हूँ संसार नफरतों की आँधियों से मेरी लौ डग मगा रही है मैं हर बार आ... Read more

?कुछ तो विशेषता अवश्य है, माननीय प्रधानमंत्री ,मोदी जी मे?

?कुछ तो विशेषता अवश्य है, माननीय प्रधानमंत्री ,मोदी जी मे? ??????? हमारे देश के माननीय, प्रधानमंत्री में कुछ तो विशेषता ... Read more

शिवरात्रि? ? देवों के देव महादेव ?

शिवरात्रि? ? देवों के देव महादेव ? शिव की महिमा अनन्त है। शिव अनादि है ,शिव वो महान दिव्य शक्ति है ,जिसके हम सब अंश है । भो... Read more

"मेरी सम्पत्ति ,विचारों की सम्पत्ति"

???????? ????? ?"हमारे विचार हमारी संपत्ति हैं क्यों इन पर नकारात्मक विचारों का दीमक लगाए चलो कुछ अच्छा सोंचे कुछ... Read more

मोहब्बत - अनकहें शब्दों की भाषा है !!!!!!

मोहब्बत - अनकहें शब्दों की भाषा है !!!!!! मोहब्बत सुरों की सुमधुर झंकार है, इसी से रचा सुन्दर संसार है , अनकहें शब्दों की मीठी ... Read more

"?रुका जीवन और रुका हुआ पानी दुर्गन्ध देता है"?

"?रुका जीवन और रुका हुआ पानी दुर्गन्ध देता है"? हर दिन की तरह उस दिन भी मैं पार्क में टहल रही थी । टहलते -टहलते थक गयी थी ,सोचा... Read more

? ?" युग बदल रहा है"???

? ?" युग बदल रहा है"??? ---------------------- " साहित्य को फिर से पढ़ा जाने लगा है लगता है फिर से ,स्... Read more

?"साहित्य"?

? " साहित्य "? साहित्य एक फलदार वृक्ष के सामान है । जिसका लाभ आने वाली पीढ़ी को मिलता है ।। साहित्य वो पौधा है ,जिसके ब... Read more

??ॐ सरस्वती देवी भगवती देवी नमः ??

??ॐ जय सरस्वती भगवती देवी नमः ?? नतमस्तक ,नमन, अभिवादन जय सरस्वती देवी, आप ज्ञान रूप में , ... Read more

? सफर ये कैसा सफर?

? "सफ़र ये कैसा सफ़र"? " दुनियाँ एक सराय हम मुसाफिर आँख क्यों न भर आये ,पहले बता परमात्मा ?तुमने जज़्बात क्यों बना... Read more

?गणतंत्रता का सम्मान करो "?

गणतंत्रता का सम्मान करो "? "आज हम स्वतन्त्र हैं,हमारा अपना गणतंत्र है। ? गणतन्त्र हमारा हमारा महान है।" सविंधान की सभी धा... Read more

?मेरा और मेरे मित्र का वार्तालाप?

मेरा और मेरे मित्र का वार्तालाप " "मेरा और मेरे मित्र का वार्तालाप" कुछ लोग ऐसे होते हैं,जो बेवज़ह खुश रहने की वज़ह पूछते है। ... Read more

"बेटियों तुम कोमल हो कमजोर नहीं "

बेटियाँ बहुत प्यारी होती हैं । घर आँगन की राजकुमारियाँ होती है बेटीयाँ घरों की रौनक होती हैं । फूलों की तरह खिलती घर आँगन ... Read more

? मैं बेटी हूँ यही तो मेरा सौभाग्य है ?

मैं बेटी हूँ यही तो मेरा सौभाग्य है** जब मैं घर में बेटी बनकर जन्मी सबके चेहरों पर हँसी थी , हँसी में भी ,पूरी ख़ुशी नहीं थी, ... Read more