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ढ़ाल

जब मंडराएंगे युद्ध के बादल और खोले जायेंगे शस्त्रागार व्यस्त होंगे सभी युद्ध की तैयारियों में तब मैं लिखूंगा एक लम्बी कविता ... Read more

लौटना

ढलते सूरज के पीछे पीछे उन्ही पगडंडियों पर वापस लौटती किरणें छोड़कर चली जाती है रात को अकेला कभी कभी किसी का न होना रिक... Read more