Rishab Shukla

Joined January 2017

मै बाराबंकी (उत्तर प्रदेश) का निवासी हूँ। मै स्नातक नर्सिंग का छात्र हू। गीत /छंद/मुक्तक/गजल एवं गद्य लेख मेरी विधा है।

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मैं औऱ वो

मै नजरो से नजरे मिलाता रहा वो नजरो से नजरे चुराती रही मै उसे देखकर यू मचलता रहा वो मुझे देखकर मुस्कुराती रही मैं हुस्न की अद... Read more

आपके शहर से....

न गिला न शिकवा न तिज़ारत आपके शहर से हमे तो बस जरा सी मोहब्बत आपके शहर से। छोड़कर हीरा रख दिया ,सारे नगीने खिदमत में हमे चाहिए हम... Read more

तुम्हारा नाम

भ्रमर गुंजित मोहब्बत का ,नया पैगाम अंकित है नवल यौवन के अधरों पर ,मधुर मुस्कान अंकित है विस्मरित हो गयी सदियों से संजोयी सुखद यादे... Read more