rekha rani

गजरौला, जनपद अमरोहा

Joined January 2017

मैं रेखा रानी एक शिक्षिका हूँ। मै उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ1 मे अपने ब्लॉक में मंत्री भी हूँ। मेरे दो प्यारे फूल (बच्चे) ,एक बाग़वान् अर्थात मेरे पति जो प्रतिपल मेरे साथ रहते हैं। मेरा शौक कविताये ,भजन,लेखन ,गायन, और प्रत्येक गतिविधि मे मुख्य भूमिका निभाना। मेरी उक्ति है कौन सो काज कठिन जगमाहि जो नही होत रेखा तुम पाही। आर्थात जो ठाना वो करना है। गृ हस्थ मे कविताएं न प्रकाशित कर पाईं

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किसने चमन में हाय ये ख़ार बो दिए-

की थी बड़ी मशक्कत महकाने में गुलों के, किसने चमन में हाए ये ख़ार बो दिए। महफ़िल में अश्क छलके खुशियों का नाम धरके, मौका मिला ... Read more

मेरी लाडली निश्चित घर संसार बसाना तू

मेरी लाडली निश्चित ही घर संसार बसाना तू। सबसे पहले केवल अपने ही सपन सजाना तू। नहीं कहूंगी तुमसे कि सबको खुश तुम रखना। जिसमें ख... Read more

तब होगी असली धनतेरस

एक बच्चे के प्यार की खातिर, उसके हक अधिकार की खातिर l मोबाइल ,कंप्यूटर ,टीवी , मित्र मंडली, महफिल त्यागे। दो मीठे बोलो से... Read more

उसका बचपन झांक रहा था

आज एक होटल से गुजरी, एक हकीकत से यूं रूबरु आज मैं क्योंकर हुई। मैले चीथड़े और मैला तन जैसे तिरस्कृत हो कोई । यूं तो बर्तन... Read more

ऐसे बसे शहर में (शहरी करण)

ऐसे बसे शहर में गुमनाम हो गए उठने की हसरतों में बदनाम हो गए। हम सोचते हैं अक्सर, इससे था लाख बेहतर। अपना वो टूटा फूटा, छप्पर का... Read more

गणित जिंदगी का

जिंदगी तो खुद ही एक सवाल है, हर तरफ सवालों का ही जाल है। भिन्न-भिन्न परिस्थिति ही तो भिन्न हैं, इनसे ही घबरा के तो हम खिन्न हैं। ... Read more

आज शरद की रात

rekha rani गीत Oct 13, 2019
आज शरद की रात ओ. प्रियतम आ जाना । सुने मन के निधिवन में सजीले मोहनाश्याम तू रास रचा जाना।। जाने कबसे ए मोहन नीरस सी पड़ी ह... Read more

कैसे मुस्कुराएं

मन बता कैसे मुस्कुराएं। कैसे मुस्कराए,कैसे गुनगुनाएं। आधी सांसे लाडली में,आधी आज हमसफ़र में। फंसी है यह मेरी नैया बीच भंवर में। ... Read more

हम शिक्षक है

हम शिक्षक है, हम मिटा कर अपनी हस्ती को तुम सी हस्तियां बनाते हैं। किन्तु शायद तुमने यह समझ लिया कि हम केवल हस्तियां बनाते ही हैं। ... Read more

दर्द जब हद से गुज़र जाएगा

दर्द जब हद से गुजर जाएगा, दिल यह फिर कैसे सह पाएगा। पीर पर्वत सी मेरी, मन यह दर्द अब किसे सुनाएगा। मेरा दर्द सुनके सभी, बचक... Read more

ज़माना तेरा कर्जदार न हो जाए:

मैंने ज़माने भर से नफ़रत बटोर ली, हो सकता है कि इस नफरत से ही मैं फनकार हो जाऊं।.. लोग तो पीते हैं मय खानों में जाक र, मैंने ... Read more

प्रेरणा एप को भी धूल चटा देंगे

💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 हम में वो दम है कि हम प्रेरणा एप को भी धूल चटा देंगे। हम शिक्षक है सब बेसिक के, यदि अपनी जिद पर आए इस नानी याद दिला दे... Read more

प्रेरणा एप

💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 भोर होना नहीं टलता , अंधेरों के डर से लहरें मंज़िल से भटकती नहीं तूफ़ान से डर के। दौर ए गर्दिशे चले तो चलता रहे,हम ... Read more

वक़्त

कोई अनछुआ सा पल रह न जाए। कोई अन कहा सा शब्द रह न जाए। बीते समय की तलाश में, खोए सुखों की आस में , कोई सुनहरा अवसर कहीं रह न ज... Read more

मित्रता दिवस

चहुं ओर प्रेषित मित्र-दिवस की शुभकामनाएं। किंतु क्या सच्चा मित्र कौन यह पहचान पाए। मित्र कौन सच्चा आज यह जानिए। सच्चे मित्र की पह... Read more

लाल की ललकार

भारत मां की पीड़ा जब सह नहीं पाया है। तब होकर के क्रुद्ध सिंह बड़ी जोर दहाड़ा है। हद होली अब पाक तेरी कहकर गुर्राया है। तुमने भा... Read more

राष्ट्र तुम्हें नमन करेगा

मेरी भारत माता को पूर्ण जो तुमने किया है। अधूरे मानचित्र को भाल जो तुमने दिया है। राष्ट्र तुम्हे नमन करेगा ए मोदी नमन करेगा गर्व... Read more

मित्रता दिवस-

चलो आज मिलकर नया राग छेड़ें चलो आज हम बेवजह मुस्कुरा लें। न ढूंढ़े वजह कोई खुशियों की यारां। जब भी मौका मिले दिल से खुशियां मना ल... Read more

कहां से लाऊं वह सावन -

अमुवा की डाली में झूला डलवाना वो सखियों संग पेंग बढ़ाना। मिलजुल प्रेम से सावन गाना। वो कोयल का राग सुहाना । ढूंढ रहा है मन बेचार... Read more

चलो आज चौपाल लगाएं

चलो आज चौपाल लगाएं, एक ऐसी चौपाल जिसमें बातें हों जल की -थल की, नभ की -धरा की, पर्यावरण संरक्षण की, वृक्षों से सजी धरा की। जिस... Read more

जल ही जीवन है

rekha rani गीत Jul 29, 2019
जल ही तो जीवन है। जल से ही तो कल है जल ही न बचाओगे। कल कैसे बचाओगे। जब वृक्ष लगाओगे ,वर्षा होगी इनसे। वर्षा के जल को तुम संचित ... Read more

मैं कुछ- कुछ बदलने लगी हूं -

पहले खुश होती थी अपनों की ख़ुशी से, अब खुश अपने से होने लगी हूं। ज़िंदगी का आधा पड़ाव, धूप और उमस में गुज़ार दिया, अब खुद छांव ... Read more

चल खुलकर जी,-

मत जी डर डर के यूं ज़िंदगी इस कदर मेरे दोस्त ! इसे अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बना ले , जब भी मौका मिले अहसास पिरोने का चल ए मन कोई गीत... Read more

वह भी परी है अपने पापा की-

वह मां जो बड़े चाव से, बेटे को पाल पोस कर लायक बनाती है। उसकी हर कामयाबी पर , बड़े गुमान से दीपक घी का जलाती है। अपने बेटे के द... Read more

मेरी वापसी के बाद-

आंखों में लिए अश्रुओं की बरसात, दिल में समेटे सूने पन का अहसास। आती है दरवाजे तक साथ - साथ , ऐसे छुपाती है सारा गम कि, हो न पाए... Read more

शिक्षक चौपाई

जिन्ह के रही भावना जैसी , इही नौकरी देखि तिन्ह तैसी। राम सिया राम सिया राम जय जय राम। धन्य भाग हैं अति बड भागी, हमहिं मिलहिं जो ... Read more

हवाओं को गुनगुनाने दे -

आज फिर से कोई नया गीत लिखकर, स्वछंद, उन्मुक्त हो मन खिलखिलाकर मुस्कुराने दे। छेड़ तान इस अंदाज में, नदियां साज सजाकर कहें, कि त... Read more

चलो चलें भविष्य निर्माण की ओर -:

चलो चलें भविष्य निर्माण की ओर, थामे हुए उत्साह से विश्वास और उम्मीद की डोर। तुम्हारे हाथों में भारत का आने वाला कल है, वह अबोध बा... Read more

मेरी मां

उठ जाती है रोज सवेरे भोर से पहले, समेट कर खुद की ख्वाहिशें घर के काम के साथ, चल देती है दो जून की रोटी के लिए , बिना जाने मंज़िल ... Read more

वो गुरू ही तो है -

rekha rani गीत Jun 20, 2019
हम तो जाते भटक, पथ किसी मोड़ पर, राह को खोजकर ,पीठ को ठोंक क़र। जो बढ़ाता गया मंजिलों की तरफ। मंजिलों का पता बस गुरू को ही है। ... Read more

पिता -

जो जीता है, एक हंसी के लिए। करता है श्र म, निरन्तर बिना थके, एक कामयाबी के लिए। बांटता फिरता है अविरल स्नेह समदर्शी बन, प्रत्य... Read more

चलता चल -

चलता चल ए मन ! तू अपनी ही रज़ा से, बहने दे जिधर बह रही है , तेरा क्या सरोकार है मनमौजी फिज़ा से। सोच अगर कोई ख्वाब जिसे तूने इ... Read more

नेता मुक्तक

नेताओं को दे रखे हैं , सरकार ने बंगले और मोटर कार । मगर देश की जनता पर कर्ज की भरमार। कर्ज़ की भरमार चैन से रह ना पाए। भूखा रहे प... Read more

आज का आदमी -

आज का आदमी कितना व्यस्त, कितना एकाकी, कितना अकेला। तल्लीन है फाइलों में, एक अजीब सी हलचल है दिमाग़ में, पता नहीं क्या खोज़... Read more

ग्राम्य जीवन

इन गांवों में मिलती है जीवन की परिभाषा। आशाओं को घेरे बैठी मन की घोर निराशा। मरता हुआ हर इंसान रखता जीने की अभिलाषा। संध्या समय ... Read more

काश मेरी जिंदगी का यह आखिरी दिन हो-

rekha rani गीत Jun 12, 2019
काश मेरी जिंदगी का आखिरी यह दिन हो। ए मां तेरी बंदगी का आखिरी यह दिन हो। हमको जग में खोजोगी फिर हम ना मिलेंगे। ए मां तेरी ममता क... Read more

पावन हो मनभावन हो -

rekha rani गीत Jun 12, 2019
तुम पावन हो , मनभावन हो ,मेरे भारत देश की माटी - हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई चार फूल हैं बगिया के। खुशबू जुदा-जुदा है किंतु सब श्रंगा... Read more

चांद से बातें -

चांद से बातें हुईं अपनी तो बस रात भर। चांद भी सोया नहीं मेरी तरह से रात भर। चांद था खामोश लेकिन मैने उससे किया सवाल। क्यों उदास आ... Read more

क्षणिक ख़ुशी-

rekha rani गीत Jun 11, 2019
ऐसा क्या हुआ आज मेरे संग, क्यों आज मैं इतनी खुश हूं। मुझको मिली जीवन की डगर, यूं आज मैं इतनी खुश हूं। कब से मन यह तरस रहा था ए... Read more

ये सांसे रुकी हैं :-

यह सांसे रुकी हैं, निगाहें झुकी हैं। -२ मगर होंठ क्यों रुक गए कहते - कहते ।-२ यह फूलों से पूछो क्या उनकी खता है। क्यों भौरा उन... Read more

रोप दें एक ऐसा बीज

रोप दें एक ऐसा बीज, जिससे फूटे एक अंकुर मानवता का। देखते देखते लहलहा उठे पौधा , और बन जाए विशाल वट एकता का। दूर तक बिखर जाएं शा... Read more

अनजानों से पहचान बना रही हूं मैं -

यूं ही नहीं जाता है कोई अनजानों के पास, छोड़ कर अपनों का फैलाआंगन, बनाने लग जाता है अपने हिस्से का सिर्फ एक अंगुल भर खुला आसमान... Read more

मत काटो मुझे(पर्यावरण संरक्षण पर विशेष)

ए मानव ! थोड़ा तरस तो खा । मत काट मुझे तू ,अब न सता। समझ नहीं आता तू कैसे इतना निर्मोही हो जाता है। मेरी ये रंगीन शाखाएं सजी फ... Read more

कहना आसान है

बहुत ही आसान है सुंदर और प्रभावी व्याख्यान देना अथवा लिख देना। जीवन के कठिन तम पहलुओं को सहजता से उकेर देना। गांव के कठिन और जटिल ... Read more

जो चला गया वो -

जो चला गया इस दुनिया से वापस नहीं आएगा। यही रीत है इस जग की तू बदल न पाएगा। माना कि वह तुझको जान से प्यारा था। उससे घर रोशन था, घ... Read more

बिटिया की अंखियां( -संस्मरण गीत ससुराल से)

बदरी बाबुल के अंगना जइयो, जइयो बरसियो कहियो । कहियो कि हम हैं तोहरि बिटिया की अंखियां। तुम्हरो कहा नहीं मानो, चिठिया न परहिवो ... Read more

बाबुल की बगिया की टूटी कली

ममता का सावन बाबुल का आंगन बिरना का संग बहना छोड़ चली। चलो आओ मिलकर सभीफूल वारे बाबुल की बगिया की टूटी कली। सभी फूल पत्ती ये वृक्ष... Read more

वक़्त के घाव:-

पीड़ित के डाला मन को मेरे तुमने अंजाने में। अब जार जार रोता है मन बेचारा यह वीराने में। तेरी खता नहीं ए वक़्त तूने तो फूल वारे। ... Read more

प्रेरणा :-

किसी को सुनाई दे या न दें मुझे तो सुनाई देती हैं। बैचैन दीदी की वो दुःख की आहें मुझे तो सुनाई देती हैं। कोई लाख समझे मै दूर हूं ... Read more

प्यारा बचपन

काश !मुझे मेरा प्यारा कोई बचपन दे जाए। बदले में सारी मेरी धन दौलत लेे जाए। वो बचपन जिसमें पापा के कंधे पे बैठी थी, बाहों के पलन... Read more