रेखा कापसे

बैतूल,मध्यप्रदेश

Joined November 2018

नाम-रेखा कापसे,
पता-होशंगाबाद मध्यप्रदेश,
शिक्षा- BSc(biology)+GNM
व्यवसाय- नौकरी

“अभी तो चलना शुरु किया है, जह़न मे ढलना शुरू किया है।
मन तो है, आसमां तक जाऊँ ,छुकर गगन, धरा पर आऊँ।
हाल ए दिल ,मै तुमको सुनाऊँ,,लिखते लिखते…..कलम बन जाऊँ।।।”

लिखने का शौक है……..लिखना सीख रहे हैं!
हर पल लिख रहे हैं!

Copy link to share

"प्रेम पथिक "

रचना विषय- प्रेम पथिक रचनाकार - रेखा कापसे "रेखा_कमलेश" दिनाँक- 21/08/2020 दिन- शुक्रवार ******************************** भू... Read more

स्त्री

दैनिक रचना रचनाकार - रेखा कापसे दिन -गुरुवार दिनाँक - 6/8/2020 ********************************- स्त्री........... छोड़ आती ... Read more

गीत मल्हार

सूखा सावन प्यासी नदियाँ बेरन फुहार बरखा लागे। (1) अनमने आस में तकते बेकल तरु सहसा लागे।। (2) बेला चंपा और चमेली, फीकी मुस्का... Read more

तब गाँव हमें अपनाता है...

रचनाकार - रेखा कापसे दिनाँक -16/07/2020 दिन - गुरुवार ****************** शहरी चकाचौंध से , जब मन घबरा जाता है। चारदीवारी ... Read more

मुकद्दर की बात है....

हर इंसां कर्मशील है पथ पर अपने आज । कल जिसको जितना मिल जाए, मुकद्दर की बात है।। हाथ में लिए फिरते है, जाम वो इश्क़ का। नशा जि... Read more

शायरी

वाह जनाब ! बेहद वाज़िब फरमाया है आपने। नायाब लेखन शैली से, शीर्ष कमाया हैं आपने।। 👏👏👏👏👌✍️ Read more

"माँ "

सर्वप्रथम माँ के चरणों में 2 पंक्तियाँ अर्पित करती हूँ.. "हे जन्मदायिनी मात मेरी, मैं तुहिर कण तू पात मेरी। मैं चंचल सरिता वेग... Read more

प्रकृति शक्ति सौम्य रूपा

विषय - प्रकृति शक्ति सौम्य रूपा असंख्य वीरो की जननी, सृष्टि मानव जीवनदायिनी है। अनेकों संसाधन पूरित, समूचे खजाने की स्वामिनी ह... Read more

अब गले से लगा लो मुझकों

बहुत कराया, इंतज़ार दिल को अब गले से लगा लो मुझकों बेचैन कर रहा, प्यार तेरा जहां से... Read more

मैं और मेरी कलम

स्वच्छंद विचारों वाली, स्वास्थ्य की मैं शाखी हूँ! नाम मेरा रेखा, बैतूल मध्यप्रदेश की वासी हूँ!! अस्वस्थ काया मनोरोग की, पीड़ा... Read more

व्यथित मन की जुबानी...

मशगूल है हर कोई खुद में, मतलब के साथी लगते हैं! रिश्तों से मतलब नहीं बस, मतलब से रिश्ता रखते है!! कौन चाहे किसको जाने, म... Read more

"सफर की शाम हो गई "

देखते देखते, सफर की शाम हो गई देख ये फिर से, तेरे ही, नाम हो गई कोशिश तो बहुत की,तुझे भुलाने की तेरी यादें कमबख़्त, सरेआम हो ग... Read more

तेरी चाहत का असर

मोहब्बत,बेइंतहा हैं तुमसे चाहतों का रंग, गहरा है दिल में भी तुम हो, और बाहर तेरा ही पहरा है भूला नहीं पाई,अबतक तुम्हें, इस दि... Read more

"जय गणतंत्र, जय संविधान "

एक राष्ट्र, एक विधि-विधान । रचा बाबा साहब, ने संविधान।। दिए अनिवार्य मौलिक अधिकार। सबकी सुरक्षा, सबका सम्मान।। स्वतंत्र ... Read more

इतना मुश्किल भी नहीं ....

इतना मुश्किल भी नहीं हैं ख्वाबों का पलना सूरज का ढलना चांद तारो का निकलना एक एक कर तोड़ लाओ फलक से तारे तुम रोशनाईं रहे जहा... Read more

"अब तुम नहीं याद आते हों"

अब तुम कम याद आते हो! क्या तुम मुझे भूल पाते हो!! तन्हाईं में वक्त,कहाँ बिताते हों! होते जब जिद्दी,किसे सताते हो!! कहाँ ... Read more

कविता

मुझे बहुत प्रिय था वो,और स्थिर सा उसका शूरूर। धड़का था दिल मेरा उसमें, थी मैं उसका गुरुर। अल्फ़ाज़ उसके,साँसे मेरी,दिल उससे ही... Read more

लिखते रहेंगे कुछ न कुछ

लिखते रहेंगे यूँ ही चंद अलफ़ाज़ साँसों में हैं जब तक तेरा साज बदल गए हैं दिल के सुर-ताल आ जाओ बनकर फिर एक ख्वाब तुम बिन,कब त... Read more

दुरियाँ

सोचा न था,दुरियाँ होगी,संग तेरे जज्बातों की। वो लम्हें रीत गये,यादों से उन मुलाकातों की।। रेखा"कमलेश " होशंगाबाद मप्र Read more

"सपनों की दुनियाँ "

सपनों की दुनियाँ हमारी,हकीकत में बहुत सच्ची थी तेरी- मेरी बातें,एक-दूजे को लगती सबसे अच्छी थी जग ने दूर किया तो क्या, रब फिर हमे... Read more

भूली हुई कहानी

भूली हुई कहानी, रीते लम्हें, वो बीते हुए पल। याद बहुत आता हैं, संग तेरे गुजरा हुआ कल।। जादुगरी सी बातें तेरी,खुशनुमा से वो एहस... Read more

4243

रेखा"कमलेश "आती वक्त बे वक्त तेरी याद समझाये कैसे,किससे करे दिल अपनी फरियाद रेखा " कमलेश " होशंगाबाद मप्र Read more

न रोके कोई, मुझे

न रोके कोई, मुझे कुछ करने से न टोके कोई मुझे कुछ कहने से प्रेम मेरा क्षणिक भी कम न होगा यूँ कोसो दूर भी, तुझसे रहने से कहा र... Read more

गुमशुदा हैं कौन मुझमें

गुमशुदा हैं कौन मुझमें महसूस करती हूँ,खुद को तुझमें सच हैं या, हैं सरासर झूठ कोई खबर करती,हवाएँ मुझे सूद में न बात,न हुई मुल... Read more

शायरी

हर लम्हा मुझे, तू इस तरह हर पल में, न महसूस कर बेचैन सी ये हिचकियाँ,लेती हैं जां खामोशियाँ मेरी, कुछ तो मकसूद कर ... Read more

कविता

मन तो नादान परिंदा है, ख्वाहिशें इसकी, कभी खत्म नहीं होती उल्फ़त बहुत हैं राहों में, तू कभी ये न कहना हसरतों की जुस्तजू,हर वक़्त ... Read more

तुमने कहा था.....

दिल को तेरे मैं ही भाती हूँ, तुमने कहा था मैं सिर्फ तेरी परी हूँ,मुझसे तुमने कहा था क्यूँ साथ ले गए, मुस्कराहट और हँसी मेरी फबत... Read more

गज़ल

करीब हो मगर, करीब दिखते नहीं ख्वाब खुशबू से, तेरी महकते नहीं यादों के महल, छोड़ दिये तुमने बनाना हिचकी की सुद से,जज्बात बहकते न... Read more

"नारी तू कब तक देगी परीक्षा "

नारी तू कब तक देगी परीक्षा सुनेगी, कब तलक सबकी इच्छा। कर खुद, खुद ही की समीक्षा दे कोख में ही, संतति को दीक्षा।। ले प्रण,करे... Read more

बहुत भगा लिया......

बहुत भगा लिया, तूने ए जिंदगी! कुछ पल का, अब तो ठहराव दे!! होंगे गिले-शिकवे तुझे भी, मुझसे! सबब से पार पाने,पतवार ए नाव दे!! ... Read more

आज फिर यादों में खोने का मन...

आज फिर यादों में खोने का मन करता है गोद में उनकी,सुकून से सोने का मन करता हैं पलटे पन्नो से ,धूल हटाने का मन करता है सोए हुए मन क... Read more

"हिंदी" देश का गौरव

चार लाईन:-- गौरव है हमारा, हमारी राष्ट्रभाषा,सबसे सरल है, हिंदी की परिभाषा इसमें ही राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत है,हिंदी ही तो, कवियो... Read more

वो वक्त भी क्या वक्त था

बचपन की गलियों में,सदा मन यूँ ही खोया रहता है सपना जो देखा था कभी,वो मन में संजोये रहता है गिल्ली-डंडे,छूप्पम-छूपाई,कंचो पर, वक्त... Read more

बरखा रानी का आगमन

चारो तरफ हरियाली छाई बरखा आई बरखा आई बादल गरजा, गड़-गड़-गड़ बारिश आई छम-छम-छम धरा का रुप हैं, अनुपम बिखरा चारो ओर, रंग हरा है... Read more

मायका और जायका

न फीका होता हैं कभी जायका जब भी आओ, खुशहाल कर देता हैं, मायका माँ की ममता,खुब बरसती पापा के मन में खुशियाँ लहरती भाई हर बात का... Read more

"मैं "

वो उसके "मैं " में रहता था ना,मेरे "मैं" को कुछ कहता था फिर एक दिन, उसका अहं टूट गया मुझसे, मेरा भीं वहम, रूठ गया उसका "मैं" और ... Read more

जन्मदिन

हम फुले नहीं समाये थें मेरी कोख में,जब तुम आए थें लम्हा वो, खुशी का फंडा था बाहर मौसम,बहुत ही ठंडा था जैसे-जैसे फिर, तुम बड़े ... Read more

अज्ञात, नन्हें बच्चे के मन से

वो कमसीन, कली होगी, शायद, पर मैं तो था,उसका ही फूल बिना रजामंदी सा था,मैं, या, थी कोई, अनचाही उसकी भूल मैं कतरा, उसके खून का था, ... Read more

वक्त

वक्त की जादूगरी का यूँ हिसाब न लगाओ.... यें ठहरता नहीं.. मगर कईं मुखड़ों सें वाकिफ़ करा देता हैं छुपाना चाहें जमाना, कितना हीं कु... Read more

बारिश और मन की यादें

बारिश की बूंदे ज्यों-ज्यों ,तन को भींंगा रहीं थीं। अंतर्मन में उसकी याँदे,अपनी कसक जगा रहीं थीं।। मैंने पूछा, रे मन! तू बाँवला... Read more

योग दिवस

गर रोज़ सुबह शाम तुम योग को करते जाओगे स्वस्थ मन और निर्मल काया यह ,ताउम्र तुम पाओगे रोगो को ये दूर भगाए स्फूर्ति ताकत, हरदम... Read more

एक पिता का साया

महसुस किया,बिन कहे, अपना धर्म निभाया हैं मेरी परछाईं संग छुपा, एक पिता का साया हैं जब नौ महीने, माँ के गर्भ में, हलचल होती रही ... Read more

हाँ, मैं एक हाऊस वाईफ हूँ

घर में हर दिल की फरमाईश हूँ हाँ, मैं एक हाऊस वाईफ हूँ अर्द्धांगिनी जिसकी बन के आई वो कहते मुझको वाईफ हैं बिन कहे, मैं उनके मन... Read more

बेटियों का मन

बच्चो की एक कविता है मछली की कहानी कहती है मछली जल की रानी है जीवन उसका पानी है हाथ लगाओ तो डर जाएगी बाहर निकालो तो मर जाएगी ... Read more

एक

बेटियां होती सब एक सी, जाति धर्म की खटास इन पर क्यों आजमाते हो क्या इतने नामर्द हो गये जो इन पर दरिंदगी अपनी, दिखलाते हो Read more

मुक्तक

कर बद्ध सभी से वंदन है रोकना अब बेटियों का कृंदन है ऐसी सजा हो, हैवानियत की, जो कांप जाए, दरिंदो का, तन मन है Read more

पापियों का संसार

मानव वहसी बन गया, कुत्ते रहे वफादार कालिख मन मे छुपा रखी, मुखड़े है ईमानदार सुनी सड़के,जंगल, झाड़ियाँ, नाले हो गये है भौचक्के,शर्... Read more

कैसी विडंबना ख्यालों से

कब तक चीख दबी रहेगी, हैवानो के हाथो से कब तलक तड़पेगी नारी, जुल्मी, विक्षिप्त, विचारों से कहने को,ब्रह्मांड की शक्ति है, करते सब उ... Read more

आधुनिक जगत मे, नारी

आधुनिकता का मुखौटा लिए हम आज भी, वही खड़े है नारी जब , चाहे आगे बढ़ना उसे अड़ाने पर अड़े है परनार को हौसला दे बात आजादी की कर... Read more

"तंबाकू सेहत के लिए, बड़ी हानिकारक है"

#विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर विशेष# तंबाकू सेहत के लिए, बड़ी हानिकारक है फिर भी लोग इसे खाते हैं चाव से, बड़े चबाते है मना कर द... Read more