गीतकार गज़लकार अन्य विधा दोहे मुक्तक, चतुष्पदी ब्रजभाषा गज़ल आदि। कृतिकार 1.अहल्याकरण काव्य संग्रह 2.पानी को तो पानी लिख ग़ज़ल संग्रह
आकाशवाणी कोटा से काव्य पाठ
कई साहित्य सम्मान एवं पुरुस्कारों से सम्मानित

Copy link to share

घट रीते के रीते हैं.....

ग़ज़लः- ग़म तो बचपन से खाए हैं,आँख का पानी पीते हैं, किश्तों-किश्तों रोज़ मरे हम,टुकड़ा टुकड़ा जीते हैं। लम्हा लम्हा दिन कटते हैं,प... Read more

क्या हसीं मोड़ पे जीवन की कहानी........

क्या हसीं मोड़ पे जीवन की कहानी आई बात बिगड़ी हुई हमको न बनानी आई । उसने मुड़ मुड़ के कई बार हमें देखा था बाद उसके न कभी रुत वो ... Read more

बेटी

-: बेटी :- मेरे आंगन में आकर जब भी चिड़िया चहचहाती है, मैं रो लेता हूँ मन में, मुझको बेटी याद आती है। कभी इस शाख पर डेरा कभी उस ... Read more

हर फसाना आजकल........

ग़ज़ल अश्क में डूबा हुआ है हर फ़साना आजकल, मुस्कुराए हो गया है इक ज़माना आजकल। खुद परस्ती बन गई बुनियाद जब सम्बन्ध की, हो ग... Read more

हिंदी के उत्थान से.......

हम कबीर की कलम उठाके निकले स्वाभिमान से , छंदों की स्याही भर ली है लेकर कवि रसखान से| हिन्दी लिक्खें , हिन्दी बोलें सदा सोच में... Read more

क्या तमाशा है दिल लगाना भी.........

पास आकर के दूर जाना भी क्या तमाशा है दिल लगाना भी। आँख से आँख भी मिलाते हो और फिर आँख का चुराना भी। आज तो हद से गुजर जाएंगे ... Read more

हाथ से हाथ पर नहीं छूटे........

सांस अपनी अगर कभी टूटे हाथ से हाथ पर नहीं छूटे । रूह तो जिस्म छोड़ जाएगी प्यार का सिलसिला नहीं टूटे। हम तुम्हारे बिना जिय... Read more

फल तो वो देगा जो सबका मीत है..

"कर्मण्यवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन" ......... फल तो वो देगा जो सबका मीत है.. गर हवाएं बह रहीं प्रतिकूल हैं। राह में क... Read more

सांझ ढलने की हमनें कहानी लिखी ...........

गीत उगते सूरज को करते रहे तुम नमन साँझ ढ़लने की हमने कहानी लिखी । तुम प्रणय गीत रचते रहे उम्र भर, दर्द के नाम हमने जवानी लिखी... Read more

पर खुशियों की बात नहीं है.......

गज़ल ग़म का तो अब साथ नहीं है, पर खुशियों की बात नहीं है। प्यार वही है पहले जैसा, लेकिन वो जज़्बात नहीं है। कितनी रातें रोई... Read more

तौहफा समझ के ...........

तौहफा समझ के झोली में डाली नहीं गयी, आज़ादी इक दुआ थी जो खाली नहीं गयी| बलिदान तो अनमोल थे कीमत चुकाते क्या | हमसे तो विरासत भी... Read more

वतन से इश्क करो .......

राष्ट्रहित मै ये जीवन हवन तो करो जीत जाओगे दिल से जतन तो करो | मंजिले खुद ब खुद पास आ जाएँगी इश्क करना ही है तो वतन से करो | --... Read more

चूड़ियाँ......

चूड़ियाँ मुझको तब लुभाती हैं, जब अनायास ही बज जाती हैं| एक संगीत की सी स्वर लहरी, बस मेरे मन में उतर जाती है| मुझको वो खनखनाहट... Read more

साहिलों ने हमें सूखी हुई.........

साहिलों ने हमें सूखी हुई नदी समझा; हमको हर दौर ने गुजरी हुई सदी समझा। बोझ एहसास का जब हमसे उठाते न बना; बात इतनी थी ज़माने... Read more

दिन शायराने आ गए.......

यूं लगा दिन ज़िंदगी में शायराने आ गए अब गज़ल के काफिये हम को निभाने आ गए | अब बड़े भाई को दादा कौन कहता है यहाँ क्या बताएं ... Read more

भोर के पल ढूंढा करता हूँ........

गीतिका काली कजराई रातों में भोर के पल ढूँढा करता हूँ, आँखों की सूखी झीलों में नीलकमल ढूँढा करता हूँ | बंजारों सा जीवन ज... Read more

राखी के दोहे........

रक्षाबंधन ...... भेज रही भैया तुम्हें, राखी के दो तार, बन्द लिफ़ाफ़े में किया,दुनिया भर का प्यार । भेजी पाती नेह की,... Read more

मीरा .........

मेवाड़ के शुष्क धरातल पर, बन प्रेम का सागर छा गई मीरा। रेत के ऊंचे से टीलों के बीच, एक प्रेम की सरिता बहा गई मीरा। मनमोहन के रंग... Read more

खुद सूरदास की आँखों से .......

देखा महादेवी, दिनकर को और पंत, निराला देखा है, हमने मंदी के दौर सहे और कभी उछाला देखा है, क्या युग था कवि का, कविता का था शब... Read more

अन्तर्तम तक भिगो गए हैं.........

जी करता है रोज़ सुनाऊँ, लिख दूं इतने सारे गीत, जीवन लहरों का कोलाहल, कितने शान्त किनारे गीत । अन्त नहीं, आरम्भ कहाँ है, ओर छोर ... Read more

रिश्ते भी हर किसी को .........

आंसू भी गम की आग बुझाने नहीं आते , दुःख दर्द में भी दोस्त पुराने नहीं आते| जब जब तुम्हारा ज़िक्र छिड़ा दिल ने ये कहा, रिश्ते भी हर ... Read more

हो गयी है अधूरी गज़ल.........

कहीं और चल ज़िन्दगी हो गई है अधूरी ग़ज़ल ज़िन्दगी, काफ़िया अब तो अपना बदल ज़िन्दगी। लड़खड़ाई, गिरी, गिर के फिर उठ गई, ड... Read more

पानी को तो पानी लिख........

गीतिका मिथ्या जीवन के कागज़ पर सच्ची कोई कहानी लिख, नीर क्षीर यदि कर नहीं पाए पानी को तो पानी लिख| सारी उम्र गुजारी यूँ ह... Read more

लडकियां उदास हो गईं........

वहशियों का ग्रास हो गईं ,लडकियां उदास हो गईं, भेडियो की बस्तियां भी ,अब शहर के पास हो गईं| अपने मन की किससे कहें ,कबतलक यूं घर में... Read more

बेटी ..........

-: बेटी :- मेरे आंगन में आकर जब भी चिड़िया चहचहाती है, मैं रो लेता हूँ मन में, मुझको बेटी याद आती है। कभी इस शाख पर डेरा... Read more

यूं न ठुकरा माँ..........

गीत यूँ न ठुकरा मुझे, मत तिरस्कार कर, एक मूरत हूँ मैं अनघढ़ी रह गई| मुझको पढ़ मेरी माँ मैं हूं ऐसी ग़ज़ल, जो लिखी त... Read more

बेटियां.......

उदासी छाई हो तो खुशनुमा मंजर बनातीं हैं, हमारी ज़िंदगी को और भी बेहतर बनातीं हैं| अभागे हैं जो हरदम बेटियों को कोसते रहते, अरे ... Read more

राह चुनने का हमें........

राह चुनने का हमें जब बोध होगा, यात्रा में फिर नहीं अवरोध होगा॥ जीत पायें प्रेम से यदि शत्रु-मन को, इससे बढ़कर और क्या प्रतिशोध... Read more

माँ.........

माँ मां कुछ दिन तू और न जाती, मैं ही नहीं बहू भी कहती, कहते सारे पोते नाती.। मां कुछ दिन तू और न जाती.. हरिद्वार तुझको ले ज... Read more

माँ,,,,,,,

मुक्तक (1) मोहब्बत से भरा एक पल भी वो खोने नहीं देती, मेरे ग़म में भी तन्हा वो मुझे होने नहीं देती। मैं सर गोदी में रख... Read more

बारिश....

गज़ल ग़मों का बोझ बढ़ाने को आ गई बारिश , हमारी जान जलाने को आ गई बारिश । किसी की याद को हमनें भुला के रखा था, उसी की याद दि... Read more

गीत

गीत अनवरत आंसुओं की झड़ी लग गई, गंगा जमुना हमारे नयन हो गए। अब ये बरखा ये सावन के झूले सजन, सब खुली आंख के से सपन हो गए... Read more

यादें

तेरी यादों की गठरी को सुलगता छोड़ आया हूँ कभी जो ख्वाब था देखा सिसकता छोड़ आया हूँ। हमारा दिल जो बच्चा था अभी घुटनों ही चलता है उसे... Read more

कारगिल विजय दिवस

कारगिल विजय दिवस पर....... हवा का रुख किधर होगा सही पहचानते हैं हम वही करके दिखा देते जो मन में ठानते हैं हम। वतन का कर्ज़ है... Read more