Bhupendra Rawat

उत्तराखंड अल्मोड़ा

Joined January 2017

M.a, B.ed
शौकीन- लिखना, पढ़ना
हर्फ़ों से खेलने की आदत हो गयी है
पन्नो को जज़बातों की स्याही से रँगने की अब बगावत हो गईं है ।

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मशरूफ है वो अब उन्हें मशरूफ रहने दो

मशरूफ है वो अब उन्हें मशरूफ रहने दो चकाचौंध के इस जहाँ में उनको चंद वक़्त रहने दो आएंगे पंछी घर अपने ही सूरज को जरा ढल लेन... Read more

वो अब सताने लगें है सपनो में भी आने लगे है

वो अब सताने लगें है सपनो में भी आने लगे है वादें तो आसमाँ से चाँद तारे तोड़ लाने के थे झूठा अब वो हमें बताने लगे है जब से द... Read more

दर्द था जख्म का पता भी नहीं

दर्द था जख्म का पता भी नहीं अपनों के जख्म का निशाँ ही नहीं करहातेे रहे रात भर दर्द में मरहम किसी ने दिया ही नही हम तो अपनो... Read more

तुझे देखने को चाह में

तुझे देखने को चाह में हां आज भी मैं कभी खुद की राह नही बदलता बदलता हूँ मैं खुद को तेरे आने जाने की आस लिए मैं अपनी राह नही... Read more

जब देश के रक्षक खुद भक्षक बन जाते है

जब देश के रक्षक खुद भक्षक बन जाते है कुर्सी में बैठे लोग मूक दर्शक बन जाते है देखो संसद भी गूंज जाती है अपने स्वार्थ के नारों से ... Read more

ना ही था वो ना ही कोई मैं था

ना ही था वो ना ही कोई मैं था सुबह उठा तो यहाँ की फ़िज़ाओं में ज़हर था राजनीती हिंदू, मुस्लिम,सिख,ईसाई में व्यस्त थी राह के चार मुसाफ़... Read more

एक सुंदर उपहार होती है बेटियां

एक सुंदर उपहार होती है बेटियां पूरा संसार होती है बेटियां अँधेरी रात में जगमगाती रोशनी का साथ होती है बेटियां स्वयं की नही संसा... Read more

काश मैं भी होती पत्थर की मूर्त

काश मैं भी होती पत्थर की मूर्त सम्मान मुझे भी दिया जाता मुझ अबला नारी,लड़की की इज़्ज़त का यूं मूर्त के आगे ना तार तार किया जाता... Read more

क्यों तुम दूर चली गई

देकर दर्द ज़माने का क्यों तुम दूर चली गई अपना कहने वाली थी तुम क्यों फिर रूठ के तुम चली गई अपने यादों की बन्दिश में मुझे क्यों... Read more

सदा तुम यूं ही मुस्कुराते रहना

सदा तुम यूं ही मुस्कुराते रहना काम है दुनिया का हर पल जलाते रहना आए पल कैसा भी ज़िन्दगी में हर मुश्किल क्षण को हँसी से ठुकराते ... Read more

हां भारत देश बदल रहा है

नेताओं के वादों में लोगों की बातों में भारत बदल रहा है सच झूठ में बदल रहा है हर तरफ झूठ ही झूठ चल रहा है डिग्री पाकर भी अनपढ़ प... Read more

कविता बनाई नहीं जाती

कविता बनाई नहीं जाती स्वयं ही बन जाती है अंदरूनी भावों को कलम कोरे कागज में उकेरे जाती है जब भाव मुख से बयाँ नही होते लेखनी क... Read more

गुमसुम रहने की आदत हो गयी है

गुमसुम रहने की आदत हो गयी है हर दर्द को सहने की आदत हो गयी है दर्द देना ही अब दुनिया का दस्तूर है अब दर्द में ही जीने की आदत हो ग... Read more

रहने दे तू मेरे पास तो है

रहने दे तू मेरे पास तो है हक़ीक़त में नही बीते हुए पल की यादों में मेरे साथ तो है तुझसे जुड़े आज भी ज़िंदा मेरे ज़हन में दबे हुए क... Read more

आओ एक दूजे से कुछ सलाह मशविरा कर लेते है

आओ एक दूजे से कुछ सलाह मशविरा कर लेते है तुम हमारे, हम तुम्हारे गुनाहों को ढक लेते है एक को दो और दो को चार पढ़ लेते है आवाम... Read more

माँ मेरे साथ मेरा साया बना फिरती है

मेरी माँ मेरे साथ मेरा साया बना फिरती है, दूर होता हूँ माँ से फिर भी अपना हाथ आशीर्वाद सदा मेरे पर बनाए रखती है आँखों से ओझल... Read more

तेरी यादे मुझे तेरे से रिहा होने नहीं देती

तेरी यादे मुझे तेरे से रिहा होने नहीं देती लिपटी रहती है तू मुझसे दूर होने नहीं देती मेरे दिल के पिंजरे में कैद तेरा अक्स है ... Read more

मिलन तो दो रूह का होता है क्यों लोग जिस्म का खेल समझते है

मिलन तो दो रूह का होता है क्यों लोग जिस्म का खेल समझते है अपनी जिस्म की प्यास बुझाने के लिए क्यों नदी का बहता आब समझते है ... Read more

कितनी अजीब कहानी है प्यार उनका अब मेरे लिए निशानी है

कितनी अजीब कहानी है प्यार उनका अब मेरे लिए निशानी है बिक रही है निशानी सरे बाज़ार में आज कौन यहाँ मीरा जैसी दीवानी है लूट... Read more

अब उस बेवफ़ा से दिल क्या लगाना

अब उस बेवफ़ा से दिल क्या लगाना जो ना हो अपना उसे अपना क्या बताना अब वफाएं तो बीते जमाने की बात है आज अपनों को भी अपना क्या बता... Read more

बस माँ समझ पाती है

बस माँ समझ पाती है मेरे भीतर दबे अरमानों को बस माँ समझ पाती है होता हूँ माँ से दूर मुझे हिचकी बहुत आती है अपने बच्चों को... Read more

अब वो पुरानी किताब मांगता है

अब वो पुरानी किताब मांगता है हर बात का वो हिसाब मांगता है दफ़न है किस्से सारे किताब में वो कोरे पन्ने बेहिसाब मांगता है नहीं ... Read more

तन रही है बंदूके नेताओ की बोली पर

चढ़ रही है चादर होली की रंगोली पर तन रही है बंदूके नेताओ की बोली पर दफ़न है किस्से सारे अमर जवानों के भारत माता रो रही ह... Read more

अब दवाओं में भी वो बात नही

अब दवाओं में भी वो बात नही अब जख़्म का कोई इलाज़ नही खुली किताब थी ज़िन्दगी कल तक बन्द किताब में अब कोई राज़ नहीं बेरंग है ज़िन्... Read more

आईने ने भी सच दिखाना छोड़ दिया

मुक्तक.......... आईने ने भी सच दिखाना छोड़ दिया सूरत को मेरी मेरा बताना छोड़ दिया अब करे विश्वास किस पर इस दुनिया में ज़ालिम दु... Read more

लब मेरे अब मुस्कुराने लगे है नाम अब तेरा गुनगुनाने लगे है

लब मेरे अब मुस्कुराने लगे है नाम अब तेरा गुनगुनाने लगे है तू ही वज़ह है अब जीने की सपने भी मुझे तेरे आने लगे है रूह में बस... Read more

कांटो ने जीने का सलीखा नही सीखा

मुक्तक.......... कांटो ने जीने का सलीखा नही सीखा आँचल में फूलों के रहकर महकना नही सीखा फितरत ही है जख़्म देना कांटो की फूलों... Read more

गम की आंधियो से बाहार निकल आया हूँ

गम की आंधियो से बाहार निकल आया हूँ तभी तो साहिल के थपेड़ों का हो पाया हूँ ज़िन्दगी तलाशता रहा मैं तुझे आज उस तलाश का हीरा बन... Read more

बिन माँ इस सृष्टि का वजूद नही

नौ माह कोख में रख पाला था माँ ने गिर कर राह में मुझे सम्भाला था माँ ने नही थी आरज़ू कुछ भी माँ की आँखों का तारा मुझे अपनी माना ... Read more

पढ़ते सब शौक से है ग़ालिब को मर कर भी जिंदा दास्तान बन बैठे है

शब्द भी गुलाम बन बैठे है जैसे तेरे मेहमान बन बैठे है दिल में दफ़न कितने अरमान है अब हम शमशान बन बैठे है दुनिया के बाजार... Read more

खामोशी एक ही सवाल पूछती है

खामोशी एक ही सवाल पूछती है तन्हाई में क्यों तन्हा छोडती है बसी है जब ख़्वाबों में मेरे दूर होकर क्यों हाल पूछती है जिंदा ला... Read more

मत कुचलो दबे अरमानो को

मत कुचलो दबे अरमानो को उड़ जाने दो आसमा में परवानो को दूर नहीं है मंजिल कदमों से दिखा लेने दो हुनर उन दिवानो को मंजिल आज नह... Read more

ये अपना ज़माना ना था दर्द उसे दिखाना नहीं था

ये अपना ज़माना ना था दर्द उसे दिखाना नहीं था चल दिए साहिल की मस्ती में उनको साथ निभाना नही था घुट घुट कर जी रहे है उनकी याद... Read more

तेरे इश्क़ में गुमनाम हो गया

मुक्तक ..... तेरे इश्क़ में गुमनाम हो गया मैं तो अब बदनाम हो गया तूने ही नही चाहा दिल से मैं तो अब तेरे नाम हो गया Read more

तुम मेरी जान लेकर क्यों ऐसा करती हो

मुक्तक.......... तुम मेरी जान लेकर क्यों ऐसा करती हो मेरी हर बात पर तुम क्यों अकड़ती हो तुम आदत बन गयी ,तुमको ये मालूम है भला... Read more

कभी रोना तो कभी मुस्कुराना भी पड़ता है

मुक्तक.............. कभी रोना तो कभी मुस्कुराना भी पड़ता है ज़िन्दगी में कोई पल ऐसे बिताना भी पड़ता है कट जाते है ये पल भी समय के ... Read more

खुश रहे वो हर पल ज़िन्दगी में

खुश रहे वो हर पल ज़िन्दगी में लब मेरे आज भी उसे दुआ देते है गम हो उसको जिंदगी में कोई भी मोती मेरी आँखों में सजा देते है दर... Read more

नहीं चाहिए वो दिन वो राते जिसमे तेरा एहसास ना हो

नहीं चाहिए वो दिन वो राते जिसमे तेरा एहसास ना हो नहीं चाहिए वो दिन और राते जिसमे तेरी बात ना हो नहीं चाहिए ज़िंदगी ऐसी जिसम... Read more

अब खुद से अनजान बन बैठा हूँ

मुक्तक........... अब खुद से अनजान बन बैठा हूँ अब उसकी पहचान बन बैठा हूँ नहीं है दिल मेरा, मेरा मेरे वश में अब उसका मेहमान बन... Read more

तुम अब जलाते बहुत हो

तुम अब जलाते बहुत हो पास आकर सताते बहुत हो दिल तो जोड़ा नही तुमने कभी लेकिन दिल तोड़ जाते बहुत हो दिल है नदां मेरा बेचारा इस ... Read more

बस इतना की अब मन नही है

बस इतना की अब मन नही है अब पहले जैसा जीवन नही है बह रही है कश्ती मंज़िल पाने को अब मंज़िल का कोई जिक्र नही है भटक गयी कश्ती अप... Read more

इस अज़नबी जहाँ में किसे अपना बताओगे

किस शहर से आये हो कहाँ को जाओगे इस अज़नबी जहाँ में किसे अपना बताओगे दिल जला है कितनी बार और कितना दिल जलाओगे खुश्क आँखों से म... Read more

दर्द दिया है तो इलाज़ भी तू बता

मुक्तक….......... दर्द दिया है तो इलाज़ भी तू बता मेरे आब की प्यास भी अब तू बुझा मुझे तो मिल गया फल कर्मो का अपने कर्मो का हिस... Read more

जीने का ना कोई बहाना चाहिए

जीने का ना कोई बहाना चाहिए अब तो यार वही पुराना चाहिए दिल को दिल से लगाना चाहिए इश्क़ में थोड़ा फड़फड़ाना चाहिए यार बना लो कितने... Read more

तू बढा सुलझा हुआ है मैं बहुत उलझा हुआ हूं

तू बढा सुलझा हुआ है मैं बहुत उलझा हुआ हूं तेरी यादों के दरिया में मैं आज भी बिखरा हुआ हूँ टूट गया आशिया दरख़्त से तेरी याद म... Read more

राह अब आसाँ नही साहिल के थपेड़ों में

मुक्तक........ रतजगा करना अब उनकी आदत में है हमको सताना उनकी फ़ितरत में है लौट चले हम अब अपनी राह को अब उनकी चाह में तड़पना मेरी... Read more

तुमने बुरा कहा भी तो अच्छा लगा मुझे

तुमने बुरा कहा भी तो अच्छा लगा मुझे तुम्हारी याद में तड़पना भी अच्छा लगा मुझे पी लिया ज़हर भी अमृत समझकर तेरे लिए मरना भी अच्छा ल... Read more

सफिने का समुन्द्र में डूब जाना मुश्किल था

मुक्तक....... सफिने का समुन्द्र में डूब जाना मुश्किल था उनके जहां से खुद को बाहर पाना मुश्किल था डूब गया सफीना जब अपने हीआशिय... Read more

कभी चुपके से दर हमारे भी आ जाना

कभी चुपके से दर हमारे भी आ जाना कोई देख ले तो कोई बहाना बना जाना याद आना फुर्सत के लम्हो में हमकों कभी हमें भी यादों में अपनी ब... Read more

जब यादों के सहारे जिंदगी जीनी मुश्किल हो जाती है

मुक्तक...... जब यादों के सहारे जिंदगी जीनी मुश्किल हो जाती है तो मौत ही एकराह नज़र आती है डूब जाती है कश्ती भी शांत धारा में जब... Read more