गीत -पतझर में कोंपल

पतझर पर कोंपल संदेश नित नये चैत-अधर फगुनाए गीत लिख गये डाल-डाल तरुवों के सरगम के मधुर बोल आशा के नये द्वार मौसम रहा है खोल... Read more

कविता ---'टूटा सिग्नल'

*** आज तोड़ा है उसने 'सिग्नल' आफिस से लौटते वक्त देखकर लाल-बत्ती अनदेखा कर गया नहीं सुन पाया सिपाही की कर्कश सीटी की आवाज... Read more