मैं हिंदी में कविता ,ग़ज़ल ,मुक्तक ,कहानी और व्यंग्य लिखता हूँ |

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नवगीत

मुसाफिर ! देख समय की ओर मुसाफिर !देख समय की ओर .......... - गहरी नदिया दूर है जाना मुश्किल हैं दिल को समझाना लहरें करती मिलन ... Read more

ग़ज़ल

ख्वाब को जागकर तो कभी देखिये, जीत को हारकर तो कभी देखिये| * दौलतें मांगते हैं सभी रातदिन , कुछ क्षमा मांगकर तो कभी देखिये | * ... Read more

ग़ज़ल

सपना भी रुचिकर हो जाता, गर उसका दिल घर हो जाता \1\ * सबके दुख जो खुद सहले वो, दुनियां में ईश्वर हो जाता\2\ * झूठी बात लगे सब अ... Read more