रामप्रसाद लिल्हारे “मीना “चिखला तहसील किरनापुर जिला बालाघाट म.प्र।
हास्य व्यंग्य कवि
पसंदीदा छंद -दोहा, कुण्डलियाँ
सभी प्रकार की कविता, शेर,
हास्य व्यंग्य लिखना पसंद
वर्तमान में शास उच्च माध्यमिक विद्यालय माटे किरनापुर में शिक्षक के पद पर कार्यरत।
शिक्षा एम. ए हिन्दी साहित्य नेट उत्तीर्ण हिन्दी साहित्य। डी. एड।
जन्म तिथि 21-04 -1985
मेरी दो कविता “आवाज़ “और “जनाबेआली “
पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है।

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"वस्तु चीन की मत अपनाना "

वस्तु चीन की मत अपनाना मात्रा संख्या -30 समान्त -आना पदान्त -अबकी बार दिवाली में वस्तु चीन की मत अपनाना अबकी बार दिवाली में।... Read more

"अबकी दिवाली में " विधाता छंद

"अबकी दिवाली में " विधाता छंद 1222 1222 1222 1222 जलाकर दीप तम को तुम जरा यारों भगा देना। दिलों में क्लेश जो भी हो जरा... Read more

"रामराज "

रामराज (कुण्डलिया) रावण का संहार कर, बुरे मिटा दो काम। रामराज कायम करो, बनकर के तुम राम। बनकर के तुम राम, गुरूर जर... Read more

"सियासत"

सियासत सियासत का असर देखो खान पान भी बदनाम हो गये सब्जी सारी हिन्दू हो गई बकरे सारे मुसलमान हो गये। कहा तो गया था जनाब... Read more

"सब अपने लिए फ़कत कुर्सी ढूंढते हैं "

मूफ़लिसी में भी रहबरी ढूंढते हैं। बैवकुफ़ हैं वो जो जिंदगी ढूंढते हैं। रहबसर चाहते हैं सभी उजालों में। कुछ एेसे हैं जो तीरगी... Read more

मोबाइल, मोहब्बत (कुण्डलियां)

"मोबाइल " मोबाइल का देख लो, कैसा चढ़ा बुखार। बच्चों पर भी हैं चढ़ा, मोबाइली खुमार। मोबाइली खुमार, कोई भी बच न पाया। हुये सभी ... Read more

"बेटी "(घनाक्षरी)

"बेटी " आन बान मान बेटी, सबकी हैं शान बेटी। हर जगह बेटी का, सम्मान होना चाहिए। घर भी चलायें बेटी, वंश भी बढ़ाये बेटी। बेट... Read more

"अभी ईमान जिंदा हैं "(मुक्तक)

"अभी ईमान जिंदा हैं " मुक्तक समान्त -आन पदान्त -जिंदा हैं मात्रा संख्या -28 गर्दिशों के सायें में अब भी पहचान जिंदा हैं। ... Read more

राजनिती (कुण्डलियां)

राजनिती 1. गंदा हो गया देखो, राजनीति का खेल। नेता बनता हैं वहीं, जो जाता हैं जेल। जो जाता हैं जेल, वही चुनकर के आता। ना ल... Read more

"अब तो यहाँ चारों ओर फ़कत पथराव दिखता हैं "

"अब तो यहाँ चारों ओर फ़कत पथराव दिखता हैं " अब तो चारों ओर बस बिखराव दिखता हैं। फ़कत अपनों का अपनों से टकराव दिखता हैं। मरह... Read more

"जख्म को हमारे न यूँ हवा दीजिए "

"जख्म को हमारे न यूँ हवा दीजिए " जख्म को हमारे न यूँ हवा दीजिए। टूट जायेंगे हम न एेसी खता कीजिए। मोहब्बत की है... Read more

"इंसान को यहाँ बाटा किसने "(कविता ")

इंसान को यहाँ बाटा किसने (कविता) फिजाओं में जहर घोला किसने। कसौटी पर हमें तोला किसने। हम तो मोहब्बत के व्यापारी हैं। फिर ... Read more

"सियासत " मुक्तक

"सियासत "(मुक्तक " सियासत का असर देखो खान पान भी बदनाम हो गये सब्जी सारी हिन्दू हो गयी बकरे सारे मुसलमान हो गये। कहा ... Read more

"हिन्दू मुस्लिम के चोंचले क्यूँ हैं "(मुक्तक)

"हिन्दू मुस्लिम के चोंचले क्यूँ हैं " (मुक्तक) डगमगाये हमारे हौसलें क्यूँ है। उजड़े पंछियों के घोंसले क्यूँ हैं। हम तो सच ... Read more

"हम पाकिस्तान मिटा देंगे "(कविता)

"हम पाकिस्तान मिटा देंगे "(कविता) देख नापाक पाकिस्तानी, हमको पता हैं तेरी कहानी। गर जो तुने बात न मानी, करता रहा यूँ ही मनमानी... Read more

"सरेआम मोहब्बत हैं तुझसे मुझे "(मुक्तक)

"सरेआम मोहब्बत हैं तुझसे मुझे " (मुक्तक) बाखुदा मोहब्बत हैं तुझसे मुझे। बेपनाँ मोहब्बत हैं तुझसे मुझे। मोहब्बत को मेरी ... Read more

"मैं शिक्षक हूँ "(गज़ल/गीतिका)

"मैं शिक्षक हूँ"(गज़ल/गीतिका) शिक्षक हूँ मैं मैं शिक्षा की अलख जगाता हूँ जीवन को जीने की मैं बुनियाद बनाता हूँ। बेमेल सुरो... Read more

"हौसलाफजाई "(मुक्तक "

"हौसलाफजाई " (मुक्तक) 1. ख्वाहिशों का पुलिंदा बाँध, डगर पर तु कदम तो रख। मुश्किलों से न घबरा तु, हौसलों में तु दम तो रख। म... Read more

"तु मेरा भगवान मैं तुझको नमन करूँ "(गीत)

"तु मेरा भगवान मैं तुझको नमन करूँ "(गीत) तु हैं मेरी शान मैं तुझको नमन करूँ। तु ही मेरा मान मैं तुझको नमन करूँ। ख्वाबों मे... Read more

"नारी की महिमा "(हाईकू 5-7-5)

"नारी की महिमा "(हाईकू 5-7-5) नारी बहुत सहनशील होती सम्मान योग्य सम्मान योग्य नित मान बड़ाती खूब महान खूब महान का... Read more

"नारी की महिमा "(हाईकू 5-7-5)

"नारी की महिमा "(हाईकू 5-7-5) नारी बहुत सहनशील होती सम्मान योग्य सम्मान योग्य नित मान बड़ाती खूब महान खूब महान का... Read more

मुझे वक्त दे इतना (मुक्तक)

मुझे वक्त दे इतना यूँ तो जीने की तमन्ना बहुत हैं मेरे दिल में मगर निभाने भी कुछ वादे हैं ये मेरे दोस्त मौत भी तो सच है न... Read more

"जनाबेआली "(व्यंग्य कविता)

"जनाबेआली"(व्यंग्य कविता) अजीब सी कशमकश हैं जनाबेआली भाभी को सब माँ कहते हैं तो साली क्यूँ आधी घरवाली। अजीब सी कशमकश हैं... Read more

"तुझसे मिलने के बाद"(शेर-ओ-शायरी)

"तुझसे मिलने के बाद" (शेर-ओ-शायरी) तु मिली मुझसे ये खुदा का रहम हैं न जाने क्या असर हुआ हैं तेरे मिलने का मुझ पर एकाकी सा था म... Read more

"पानी की महत्ता "(दोहा छंद)

"पानी की महत्ता"(दोहा छंद) 1. पानी की हर एक बूंद, हैं जीवन आधार। गर जो पानी ना रहे, मिट जाये संसार।। 2. पानी नित बचाईये,... Read more

"अब तो मैं...... डरता हूँ "(शेर)

"अब तो मैं.... डरता हूँ" (शेर) 1. मैं कहाँ अदावत से डरता हूँ मैं तो बस ज़िलालत से डरता हूँ इतना लूटा गया हैं मुझे प्यार द... Read more

"नेता हमारे "(व्यंग्य कविता)

"नेता हमारे"(व्यंग्य कविता) ईद के चाँद होते हैं झूठ की दुकान होते हैं एक बारी आकर के पाँच वर्षीय मेहमान होते हैं ओढ़े ईमान... Read more

"ग्रामीण युवा (दोहा छंद)

"ग्रामीण युवा"(दोहा " 1. तुम ही उजल भविष्य हो, तुम ही गाँव कि शान। वजूद तुम हो गाँव का, तुम ही हो पहचान।। 2. तुम बड़ो तो गाँव... Read more

पहली पहली मुलाकात (कविता "

"पहली पहली मुलाकात " एक दिवस की थी वो बात उस दिन वो भी थी मेरे साथ कहना था उससे कुछ मुझको पहली पहली थी मुलाकात। मैं जैसे ... Read more

"ख्वाब "(प्रतीकात्मक मुक्तक)

"ख्वाब" (प्रतीकात्मक मुक्तक) रात रूपी बगीची में ख्वाब रूपी फूल खिले नींद रूपी जल को पाकर फूल खूब फले फूले सुबह रूपी ... Read more

"मध्यमवर्ग :-एक प्रश्न?"(कविता "

"मध्यमवर्ग :-एक प्रश्न? " (कविता) सागर की गहराई सी शांत,स्तब्ध गंभीर मेरी भावनाओं का क्या? लहरों के श्रृंग गर्तों ... Read more

"टाईमपास "(मुक्तक)

"टाईमपास " (मुक्तक " एक लड़के ने एक लड़की से कहा मैं प्यार करता हूँ तुमसे बेइंतहा तुम जो चाहती हो मुझमें वो बात हैं मेरा... Read more

"नारी की महत्ता "(कुण्डलियाँ छंद)

"नारी की महत्ता " (कुण्डलियाँ छंद " 1.नारी तुम ये न समझो, तुम हो अब कमजोर। बन गयी हो अब तुम तो, भारत का सिरमौर। भारत का सि... Read more

वीरांगना :-अवन्ती बाई (आल्हा छंद)

"वीरांगना :-अवन्ती बाई " (आल्हा छंद 16,15 =31 मात्रा) सुनो संत जन सुन सुन भई साधु, दूँ मैं सबको कथा सुनाय। बड़ी विचित... Read more

"होली की कुण्डलियाँ "(कुण्डलियाँ छंद)

"होली की कुण्डलियाँ " (कुण्डलियाँ छंद) 1. सजना,सजनी से कहे, रंग न डालो मीत। अबकी होली में प्रिये, कर मुझसे बस प्रीत।। कर... Read more

"माँ की महिमा "(गेय मुक्तक "

"माँ की महिमा " (गेय मुक्तक " मुसीबत गर कोई मुझ पर, आये तो मैं कहता माँ। भरम् कोई अगर मुझ पर, छाये तो मैं कहता माँ। तु हैं... Read more

शादी के बाद (व्यंग्य)

" शादी के बाद " सजेगा मंडप, बजेगा बाजा निकलेगी......... बारात यही सोच सोचकर मुझको नींद न आयी सारी रात! नींद न आयी सारी र... Read more

होली हैं (दोहे)

" होली है"(दोहे) 1. खेलों सभी जन मिल के, होली का त्योहार। भेदभाव सब छोड़ दो, छोड़ो सब तकरार।। 2. लकड़ी ना जलाकर के, मन का ... Read more

"असमंजस "(समसामयिक कविता)

"असमंजस "(समसामयिक कविता) उत्क्षिप्त,कुण्ठित सी हालत मेरी कैसें करूँ वकालत तेरी तुच्छ,अंतिम पंक्ति का मैं सेवक कैसें बनूँ ... Read more

"अरमानों का देहांत "(हास्य व्यंग कविता)

"अरमानों का देहांत " (हास्य व्यंग कविता) एक थी लड़की खड़ी अकेली मेरे लिए थी नयी नवेली। मिठी सी थी उसकी बोली उसकी सूरत ... Read more

"अरमानों का देहांत "(हास्य व्यंग कविता)

"अरमानों का देहांत " (हास्य व्यंग कविता) एक थी लड़की खड़ी अकेली मेरे लिए थी नयी नवेली। मिठी सी थी उसकी बोली उसकी सूरत ... Read more

"बाबाजी का ठुल्लू "(हास्य व्यंग)

"बाबाजी का ठुल्लू " (हास्य व्यंग " मैने एक भाषण प्रतियोगिता में भाग लिया। और खूब जोर जोर से भाषण दिया। भाषण देते हुए मु... Read more

बुरा न मानो होली है। (हाईकू)

बुरा न मानो होली है। (होली की हाईकू। 5-7-5 बुरा न मानो होली है जी होली हैं रंग उड़ाओ। रंग उड़ाओ शिकवे भूलकर खुशी मनाओ... Read more

होली की मनहरण (घनाक्षरी 8,8,8,7)

होली की मनहरण गाँव-गाँव गली-गली मिलकर खेलों होली सबके दिलों में अब प्यार होना चाहिए। भेदभाव भूलकर रहो सब मिलकर किस... Read more

बदलते उपमान और नायिका

छरहरी कलगी बाजरे सी न हो छिटकी कली गुलाब सी न हो उन्मुक्त,चंचल,मदमस्त,मदहोश बयार सी हो मेरी नायिका।। बालारूण की किरण सी न ह... Read more

मुझे भारत आजाद मिले

हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई, हम सब के हो गले मिले, तमस किसी भी घर में ना हो, सब के घर में दिये जले, बाटों इतना प्यार सबमें, मि... Read more