रकमिश सुल्तानपुरी (राम केश मिश्र)
मैं भदैयां ,सुल्तानपुर ,उत्तर प्रदेश से हूँ ।
मैं ग़ज़ल लेखन के साथ साथ कविता , गीत ,नवगीत देशभक्ति गीत, फिल्मी गीत ,भोजपुरी गीत , दोहे, हाइकू, पिरामिड ,कुण्डलिया,आदि पद्य की लगभग समस्त विधाएँ लिखता रहा हूं ।
FB– https ://m.facebook.com/rakmishsultanpuri
मेरा ब्लॉग-ainegajal@blogspot.com
Email-rakmishsultanpuri@gmail.com
Mob–9125562266
धन्यवाद ।।

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माँ-ममता की निधि

"माँ" -ममता की निधि कुछ आँसू ममता के होंते कुछ खुशियो के ढ़र जाते है । कुछ तखलीफो के सागर में मिलकर मोती बन जाते है । ... Read more

ग़ज़ल-इलाज़ रो रहा कहीं हक़ीम खुद बीमार हैं

$$$$$$$$$$$ग़ज़ल$$$$$$$$$$$$ कुढी हुई है सभ्यता कमी रही विचार की । चली हुकूमतें यहाँ तभी तो दाग़दार की । ... Read more

ख़ुदी रो रहा हूँ रुलाता किसे मै ।

©©©©©©©©ग़ज़ल©©©©©© ख़ुदी रो रहा हूँ रुलाता किसे मै । लगी चोट दिल पर बुलाता किसे मै । मुझे खाये जाती है ... Read more

गीतिका।मिलन का आ गया अपने पुनः त्योहार आँगन मे ।

===================गीतिका=================== मिलन का आ गया अपने पुनः त्योहार आँगन मे । मिटा नफ़रत गले मिलकर करेंगें प्य... Read more

गीतिका।कपट हीन निःस्वार्थ हो जीवन का आधार ।

क़ुदरत के अनुरूप ही आप करें व्यवहार । कपट हीन निःस्वार्थ हो जीवन का आधार । सुख की छणिकाएँ ज़रा दुःख के रूप अनेक ।... Read more

ग़ज़ल।घरौंदा प्यार का ऐसे ही खण्डर तो नही होता ।

==================ग़ज़ल===============≠===== गिरेंगे सूख जाएंगे समंदर तो नही होता । ये आँसू भी यहाँ सबको मयस्कर तो... Read more

ग़ज़ल।एक दिन अपने घरौंदे को शहर कर देखिये ।

-----------------ग़ज़ल---------------- राहे रंजिश छोड़ दिल का घर बसर कर देखिए । सुर्ख़ होठों पर किसी के तो फिसल... Read more

ग़ज़ल।इश्क़ मे यूँ ठोकरें खाये बहुत ।

==================ग़ज़ल===================== इश्क़ मे यूँ ठोकरें खाए बहुत । दिल लगाकर हम तो पछताए बहुत । जिश्म की हर... Read more

ग़ज़ल।मेरे हमदम मेरी तनहाइयाँ फिर नापने निकले ।

=================ग़ज़ल================ मेरे हमदम मेरी तनहाइयाँ फ़िर नापने निकले । कि मेरे इश्क़ की गहराइयाँ फ़िर ना... Read more

ग़ज़ल।बढ़ गया तब फ़ासला जब चाहने उनको लगा ।

=================ग़ज़ल================ बढ़ गया तब फ़ासला जब चाहने उनको लगा । कुछ मिला न फ़ायदा जब चाहने उनको लगा । ... Read more

ग़ज़ल।तब उसी तारीख़ से तेरा दिवाना जो गया ।

=============ग़ज़ल=================== ज़ब नज़र के ख़ंजरों का दिल निशाना हो गया । तब उसी तारीख़ से तेरा दिवाना हो ... Read more

ग़ज़ल।कि क़ातिल चैन से यारों हुक़ूमत पेश करते है ।

=================ग़ज़ल================ ज़िरह मुंसिफ़ वफ़ाई की ज़मानत पेश करते है । कि क़ातिल चैन से यारों हुक़ूमत पेश करते... Read more

ग़ज़ल।यकीं मानो मुहब्बत की सभी क़ीमत चुकाते है ।

================ग़ज़ल================= यकीं मानो मुहब्बत की सभी क़ीमत चुकाते हैं । नफ़ासत का ज़ख़म पाकर ग़मों मे मुस्कुरात... Read more

ग़ज़ल।अब मेरी तस्वीर को यूं पा रहे पहचान कितने ।

================ग़ज़ल================= बह गए आंखों से आंसू छल गए अरमान कितने । दिल्लगी मे आशियानें हो गए वीरान कित... Read more

ग़ज़ल।मेरे क़िरदार की दमदारियाँ फ़िर देखने निकले ।

=================ग़ज़ल================ मेरे हमदम मेरी तनहाइयाँ फ़िर नापने निकले । कि मेरे इश्क़ की गहराइयाँ फ़िर ना... Read more

ग़ज़ल।इश्क़ की आंधियों मे उड़ा ले गयी ।

================ग़ज़ल================= इश्क़ की आंधियां मे उड़ा ले गयी । जिश्म को लूटकर बेवफ़ा ले गयी । ... Read more

ग़ज़ल।पर तुम्हारी आँख सा आइना कोई नही।

@@@@@@@@ग़ज़ल@@@@@@@@ बाद जाने के तेरे आसरा कोई नही । इश्क़ मे डूबा मग़र फ़ायदा कोई नही । ... Read more

ग़ज़ल।नमक जो देश का खाकर विदेशी पेश आता है ।

*****************ग़ज़ल**************** शराफ़त छोड़ कर सच की हँसी भरसक उड़ाता है । नकारा आदमी काबिज़ सभी का दिल दुखाता है । ... Read more

ग़ज़ल।आइना उसको दिखाना चाहिए ।

""'''''''''''''''''''""""""""""""""ग़ज़ल""""""""''''"'''"""""""""""" आग़ बदले की बुझाना चाहिए । हर किसी को मुस्कुर... Read more

नवगीत।रातों मन के अंधेरों मे तस्वीरें चलती रहती है ।

नवगीत रातों मन के अंधेरों मे तस्वीरें चलती रहती है ,,-2 शामों से ख़ामोशी ठहरी रहती है मेरे घर । फ़ैली रहती है रातों भर तन्हाई... Read more

ग़ज़ल।दग़ा देने मुहब्बत के बहाने लोग बैठे है ।

================ग़ज़ल================= दुनियां के रिवाजों को भुलाने लोग बैठे है । नये ज़ख़्मो को देखो फ़िर दुखाने लोग... Read more

ग़ज़ल।तू सुलगती आग़ तो शोला बना तैयार मै हूं ।

================ग़ज़ल================= सोच मत लग जा गले से बेक़सक दिलदार मैं हूं । तू सुलगती आग़ तो शोला बना तैयार... Read more

ग़ज़ल।मुझे हर दर्द मालुम है दवा पाने नही निकला ।

  ================ग़ज़ल================ तनिक आया हूँ गर्दिश में हवा खाने नही निकला । ग़मो का लुफ़्त लेता हूँ वफ़ा पाने नही... Read more

ग़ज़ल।जहां मे ज्ञान का पौधा सदा बोता रहा शिक्षक ।

,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,ग़ज़ल ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, सजता राह जीवन की स्वंय खोता रहा शिक्षक । जहां मे ज्ञान का पौधा ... Read more

कविता। वही गुरु है अध्यापक है न कि कोई दग़ा पड़ाका ।

जीवन मे शिक्षक की अनिवार्यता , एवं शिक्षक के कार्य व्यवहार पर प्रश्न उठाने वालों के प्रति ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, कविता । ,,,,,,,... Read more

ग़ज़ल।दर्द के ऐसे निवाले पल रहे है आजकल ।

ग़ज़ल । दर्द के ऐसे निवाले पल रहे है आज़कल । सादगी मे लोग बेशक़ ढल रहे है आज़कल । बेवफ़ाई पर यक़ीनन कर रहे है आजकल ।... Read more

ग़ज़ल।गम से तेरे अभी तक रिहा न हुआ ।

ग़ज़ल /गम से तेरे अभी तक रिहा न हुआ । दर्द दिल का वही है दवा न हुआ । ग़म से तेरे अभी तक रिहा न हुआ । ... Read more

दोहे । चोटी कटवा भूत ।

दोहे शब्द शब्द की नाप से, भावों पर अनुबंध । दिन दिन यों बढ़ता गया, महक रही न गन्ध । शब्द कुसुम को गूंथता शब्दो पर नव छन्... Read more

?कविता?दुनियां बस एक तमाशा है ।

कविता । जीवन तो जिज्ञासा है । यह जीवन तो जिज्ञासा है । दुनियां बस एक तमाशा है । निज कर्मो की लगा बाजिया ,हम रहते है राम... Read more

?ग़ज़ल? तेरे आग़ोश के शाये पुराने हो गए लेकिन ।

*ग़ज़ल ।दीवाने हो गये लेकिन।* तेरे आग़ोश के शाये पुराने हो गये लेकिन । उसी मदहोश हरक़त मे दिवाने हो गये लेकिन ।। बहुत चाह... Read more

ग़ज़ल।चरागे उल्फ़त जला हुआ है ।

ग़ज़ल।चरागे उल्फ़त जला हुआ है । ग़मो का आलम सजा हुआ है । चरागे उल्फ़त जला हुआ है । बुझी हुई... Read more

ग़ज़ल।वतन के सिपाही वतन याद रखना ।

,,,,,,,,,,,,,,ग़ज़ल/,,,,,,,,,,,, ख़ुदा के लिए ये वचन याद रखना । वतन के सिपाही वतन याद रखना । ... Read more

ग़ज़ल।वतन के सिपाही वतन याद रखना ।

,,,,,,,,,,,,,,ग़ज़ल/,,,,,,,,,,,, ख़ुदा के लिए ये वचन याद रखना । वतन के सिपाही वतन याद रखना । ... Read more

दुनिया मे सरदार तिरंगा भारत का ।

,,,,,,,,,,,,,,,ग़ज़ल,,,,,,,,,,,,,,,, दुनियां मे सरदार तिरंगा भारत का । घर घर का त्योहार तिरंगा भारत ... Read more

आपका भी दिल दुखाना पड़ गया ।

@ ग़ज़ल/दिल दुखाना पड़ गया ।@ जिंदगी मे आपको भी आजमाना पड़ गया । बेबसी मे आपका भी दिल दुखाना पड़ गया । लग ग... Read more

झुक न पायेगा कभी झंडा वतन का ।

---- ------------ग़ज़ल---------------- झुक न पायेगा कभी झंडा वतन का । है जवां हर नागरिक बंदा वतन का । ... Read more

जिंदगी मे हर किसी को आजमाया न गया ।

ग़ज़ल ।जिंदगी मे हर किसी को आजमाया न गया । आंसुओं का दौर था वो पर रुलाया न गया । जिंदगी मे हर किसी को आजमाया ... Read more

ख़ुदी को प्यार मे झोंका नही था ।

ग़ज़ल ख़ुदी को प्यार मे झोंका नही था । ख़ुदी को प्यार मे झोंका नही था । सही है जख़्म भी खाया नही था ।। इरादे आप... Read more

जफ़ा ऐ इश्क का किस्सा सुनाते रह गए सबको ।

ग़ज़ल। किस्सा सुनाते रह गए सबको । कुरेदा जख़्म महफ़िल मे दिखाते रह गए सबको । जफ़ा ऐ इश्क़ का किस्सा सुनाते रह गए सबको ।। सकूनत की... Read more

मैं तो शायद बदल गया हूं ।

मै तो शायद बदल गया हूं पर तुझमे जज़्बात नही है ।। और आंधियां ग़म की सहता इस दिल के हालात नही है ।। यादों मे तन्हाई ना हो । ... Read more

हाल कैसे कहे अनकही दोस्ती ।

हाल कैसे कहे अनकही दोस्ती । उम्रभर हाशिये पर रही दोस्ती ।। सब्र हमने जफ़ाएँ किया है बहुत । दर्द... Read more

मुझको खुद का प्यार समझ ले ।

मुझको ख़ुद का प्यार समझ ले । बिन कांटो का हार समझ ले ।। टूट गया तो गया काम से । इकतारा का तार समझ ले । दिल को तेरे परख रह... Read more

दिवाने हो गये लेकिन ।

*ग़ज़ल ।दीवाने हो गये लेकिन।* तेरे आग़ोश के शाये पुराने हो गये लेकिन । उसी मदहोश हरक़त मे दिवाने हो गये लेकिन ।। बहुत चाह... Read more

ढूढ़ता कौन है जिंदगी को कभी ।

ढूढ़ता कौन है जिंदगी को कभी ।। वक़्त मिलता नही आदमी को कभी ।। ज़ख़्म गैरो के नासूर करता रहा । चाह इसको नही सादगी को कभी ।। ... Read more

आपने आपसे टूटता रह गया

ग़ज़ल *आपने आपसे टूटता रह गया ।* आपने आप से टूटता रह गया ।। उम्रभर जिंदगी ढूढ़ता रह गया ।। ... Read more

चाहत मे किसी के खोने से ।

ग़ज़ल *चाहत में किसी की खोने से ।* चाहत मे किसी के खोने से । दिल सोच तु पहले रोने से ।। एतबार न करना लोगों पर । बस प्यार ज़र... Read more

लिख रहा हूं इक ग़ज़ल ले वज़्न तेरे प्यार का ।

ग़ज़ल।लिख रहा हूं इक ग़ज़ल दर्द से बोझिल मिला है दिल मिरे अशरार का । लिख रहा हूँ इक ग़ज़ल ले वज़्न तेरे प्यार का ।। तन्हा तन्हा हो... Read more

फिर पांच दोहे ।

बादल/ घन मेघ सूरज डूबा था नही,,,,,,,दोनों मद मे चूर । भिगो रहे थे धूप को, बादल निष्ठुर क्रूर ।। बादल पंछी बन चुने,,,,,,,,, ... Read more

दोस्तों ने सभी फ़ासला छोड़कर ।

ग़ज़ल दोस्तों ने सभी फ़ासला छोड़कर । दर्द बेशक़ दिया दायरा छोड़कर । इश्क़ भी हाशिये पर रुका रह गया । जख़्म रोने लगा आसरा... Read more

क्या प्रेम है जहां मे करके दिखा दिया ।

ग़ज़ल क्या प्रेम है जहाँ मे करके दिखा दिया । होता अमर है कैसे मरके दिखा दिया ।। यहाँ लोग जी रहे है इश्क़ की बदौलत । राँझा न... Read more