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माँ! मैं तुझ पर क्या लिखूँ?

तू अविरल गंगा धारा है, तू कोमल पुष्प कमल है, तू गीता और रामायण है, तू वेदों की भाषा है । मां!मैं तुझ पर क्या लिखूं ? तू मेर... Read more