गीत-आज मिलन की रात-रामबली गुप्ता

गीत आज मिलन की रात सखी! प्रियतम से मिलने जाऊँगी। लोक लाज सब छोड़ जगत के प्रीत की रीत निभाऊंगी।। प्रियतम से मिलने......... ज... Read more

मत्तगयन्द सवैया

सुंदर पुष्प सजा तन-कंचन केश -घटा बिखराय चली है। अंजित नैन कटार बने अधरों पर लाल लुभाय चली है।। अंगहि चंदन गंध भरे मद-मत्... Read more

स्वाभिमानी पत्थर

मानव उवाच(कुकुभ छंद) सुनो कथा पत्थर की भैया, पत्थर क्या-क्या सहते हैं? कथा व्यथा है इनकी सच मे, डरे-डरे-से रहते हैं।। जिसका भ... Read more