रामबाबू ज्योति

दौसा (राजस्थान) 303303

Joined January 2018

वरिष्ठ उप जिला शिक्षा अधिकारी कम ब्लाॅक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जहाजपुर, भीलवाड़ा

Books:
हिंदी काव्य सिद्धांत (प्रकाशक-राजस्थान प्रकाशन, त्रिपोलिया बाजार-जयपुर), सामाजिक क्रांति के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा फुले (प्रकाशक-साहित्यागार, गली धामानी, चौड़ा रास्ता,जयपुर) राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान नई दिल्ली के बेसिक शिक्षा पाठ्यक्रम की पुस्तकों के लेखक। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा प्रकाशन की पुस्तकों में लेखन। कई पुस्तकों का सम्पादन/सहसम्पादक। विभिन्न पत्र पत्रिकाओं व दैनिक समाचार पत्रों में समय-2 पर रचनाओं का प्रकाशन।

Awards:
महामहिम राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान(विज्ञान भवन, नई दिल्ली) राजस्थान सरकार द्वारा राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान (बिड़ला सभागार, जयपुर) पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी सम्मान (शिलांग) पर्यावरण रत्न अवार्ड , डॉ राधाकृष्णन अवार्ड, श्री चतरसिंह यादव स्मृति सम्मान , श्री शिवनारायण रावत स्मृति सम्मान, अनुराग साहित्य सम्मान। सराहनीय जनसेवा व राजकीय उत्तरदायित्व निर्वहन एवज जिले व ब्लाॅक स्तर पर राजकीय सम्मान। कई सामाजिक साहित्यिक संस्थाओं की ओर से सम्मानित, पुरस्कृत।

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सौ ऊंट

किसी शहर में एक व्यक्ति प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था।वह अपनी ज़िन्दगी से खुश नहीं था, हर समय किसी न किसी *समस्या* से परेशान रहता ... Read more

पिछले जन्म के कर्मों फल

एक आदमी का पूरा परिवार गुरुद्वारे जाकर गुरु की महान सेवा किया करता था। उस परिवार में एक लड़का जो कि दोनों पैरों से अपाहिज था, वह भी ... Read more

नियती

जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे को जन्म देने को थी। वो एकांत जगह की तलाश में घुम रही थी, कि उसे नदी किनारे ऊँची और घनी घास दिखी। उसे... Read more

विनम्रता

नदी को अपने पानी के प्रचंड प्रवाह पर घमंड हो गया। उसे लगा कि, "मुझमें इतनी ताकत है कि, मैं पहाड़, मकान, पेड़,पशु, मा... Read more

बच्चे की सीख

बचपन से ही मुझे अध्यापिका बनने तथा बच्चों को मारने का बड़ा शौक था। अभी मैं पाँच साल की ही थी कि छोटे-छोटे बच्चों का स्कूल लगा कर बैठ... Read more

वही तो पाएंगे जो हम देंगे

*वही तो पायेंगें..जो हम देंगें...* गाँव का एक किसान दूध से दही और मक्खन बनाकर बेचने का काम करता था.. एक दिन ब... Read more

मुनि तरुण सागर के प्रवचनों से

“वैसा मजाक किसी के साथ मत कीजिये जैसा मजाक आप सह नहीं सकते!” “भले ही लड़ लेना झगड़ लेना पिट जाना या फिर पीट देना मगर कभी बोलचाल बंद... Read more

हमारी मूर्खता

एक महिला रोज मंदिर जाती थी ! एक दिन उस महिला ने पुजारी से कहा अब मैं मंदिर नही आया करूँगी ! इस पर पुजारी ने पूछा -- क्यों ? तब महि... Read more

आशिर्वाद बडों का

*महाभारत का युद्ध चल रहा था -* एक दिन दुर्योधन के *व्यंग्य* से *आहत* होकर *"भीष्म पितामह"* घोषणा कर देते हैं कि - *"मैं कल पांडव... Read more

रस्सी का सांप

एक बार एक दरोगा जी का मुंह लगा नाई पूछ बैठा - "हुजूर पुलिस वाले रस्सी का साँप कैसे बना देते हैं ?" दरोगा जी बात को टाल गए। ... Read more

ईश्वर की दयालुता

*एक राजा का एक विशाल फलों का बगीचा था. उसमें तरह-तरह के फल होते थे और उस बगीचा की सारी देखरेख एक किसान अपने परिवार के साथ करता था. व... Read more

सुखों की परछाई

एक रानी अपने गले का हीरों का हार निकाल कर खूंटी पर टांगने वाली ही थी कि एक बाज आया और झपटा मारकर हार ले उड़ा. . चमकते हीरे देखकर ... Read more

कौआ बनें गिलहरी नहीं

सम्भवतया हम सभी जानते हैं कि सड़क दुर्घटना में सबसे ज्यादा जान गिलहरी की जाती है। वाहन चलाते समय अचानक गिलहरी भाग कर... Read more

सुख और दुख

गंगा नदी के किनारे पीपल का एक पेड़ था. गंगा पूरे वेग से बह रही थी कि अचानक पेड़ से दो पत्ते नदी में आ गिरे। एक आड़ा गिरा और एक सीधा... Read more

ज्ञान मिलेगा झुकने पर

एक शिष्य गुरू के पास आया। शिष्य पंडित था और मशहूर भी, गुरू से भी ज्यादा। सारे शास्त्र उसे कंठस्थ थे। समस्या यह थी कि सभी शास्त्र कंठ... Read more

बरनी जीवन की

एक प्रोफ़ेसर कक्षा में आये और अपने साथ लाई एक काँच की बडी *बरनी ( जार )* टेबल पर रखा और उसमें टेबल *टेनिस की गेंदें* डालने लगे और त... Read more

सिर पर साया मां का

एक बहुत बड़ा विशाल पेड़ था। उस पर बीसीयों हंस रहते थे। उनमें एक बहुत सयाना हंस था, बुद्धिमान और बहुत दूरदर्शी। सब उसका आदर करते ‘ताऊ’ ... Read more

कर्मों की दौलत

कर्मो की दौलत *एक राजा था जिसने ने अपने राज्य में क्रूरता से बहुत सी दौलत इकट्ठा करके( एकतरह शाही खजाना ) आबादी से बाहर ज... Read more

समस्या पराई या अपनी

*🔹समस्या पराई या अपनी🔹* एक *चूहा* किसान के घर में बिल बना कर रहता था. एक दिन चूहे ने देखा कि *किसान और उसकी पत्नी* एक... Read more

सच्चा आनंद

*सच्चा आनंद* एक भिखारी किसी किसान के घर भीख माँगने गया, किसान की स्त्री घर में थी उसने चने की रोटी बना रखी थी। किसान आया ... Read more

पहुंच मंजिल तक

एक संत ने अपने दो शिष्यों को शिक्षा देने के उध्येश्य से बुलाया और कहा, "आपको यहाँ से पचास कि.मी.तक जाकर आना है। एक भ... Read more

कल के लिए आज अच्छा करो

एक सेठ जी ने अपने मैनेजर को इतना डाटा--- की मैनेजर को बहुत गुस्सा आया पर सेठ जी को कुछ बोल ना सका-- - वह अपना गुस्सा किस पर निक... Read more

पक्का सिद्धान्त

एक धनी व्यक्ति का बटुआ बाजार में गिर गया. बटुए में कई हजार रुपये भी थे. फौरन ही वह मंदिर गया और प्रार्थना करने लगा कि बटुआ मिलने प... Read more

चाबी

किसी गाँव में एक ताले वाले की दुकान थी। ताले वाला रोजाना अनेकों चाबियाँ बनाया करता था। ताले वाले की दुकान में एक हथौड़ा भी था| वो हथौ... Read more

हर चीज

मेरे सामने ही एक पूरी फैमिली बैठी थी। मम्मी, पापा, बेटा और बेटी। हमारी टेबल उनकी टेबल के पास ही थी। हम अपनी बातें कर रहे थे, वो अ... Read more

जीवन रस

एक फ़कीर नदी के किनारे बैठा था. किसी ने पूछा : 'बाबा क्या कर रहे हो?' फ़कीर ने कहा : 'इंतज़ार कर रहा हूँ की पूरी नदी बह जाएं तो फ... Read more

महानता का परिमाप

एक बार की बात है किसी गाँव में एक पंडित जी रहते थे। वैसे तो पंडित जी को वेदों और शास्त्रों का बहुत ज्ञान था, लेकिन वह बहुत ग़रीब ... Read more

गुरु अनंगदेव

*सेवा और समर्पण के साधक गुरु अंगददेव* सिख पन्थ के दूसरे गुरु अंगददेव का असली नाम ‘लहणा’ था। उनकी वाणी में जीवों पर दया, अहंकार का... Read more

मनुष्य के मूल संस्कार

लघुकथा : मनुष्य के मूल संस्कार। एक घर मे तीन भाई और एक बहन थी...बड़ा और छोटा पढ़ने मे बहुत तेज थे। उनके मा बाप वे से तो उन चारो स... Read more

भवानी प्रसाद मिश्र

*नयी कविता के प्रमुख हस्ताक्षर भवानी प्रसाद मिश्र* साहित्य के क्षेत्र में कविता सबसे प्राचीन एवं लोकप्रिय विधा है, चूँकि इसमें कम... Read more

संघर्ष

एक धर्मपरायण किसान था।उसकी फसल अक्सर खराब हो जाया करती थी । कभी बाढ़ आ जाया करती थी तो कभी सूखे की वजह से उसकी फसल बर्बाद हो जाया कर... Read more

किरदार

महफ़ूज़ रख, बेदाग़ रख, मैली ना कर ताज़िन्दगी... मिलती नहीं इंसान को किरदार की चादर नई!! Read more

सलीका और संगत

झूठ कहते हैं कि संगत का हो जाता है असर...! काँटों को तो आज तक महकने का सलीका नहीं आया...!! Read more

अपना पराया

*अपना और पराया क्या है...* *मुझे तो बस यही पता है* *जो भावनाओं को समझे* *वो अपना और भावना से परे हो वो पराया...* *... Read more

डॉ भगवान दास माहौर

देश की स्वतन्त्रता के लिए अपना सर्वस्व दाँव पर लगाने वाले डा. भगवानदास माहौर का जन्म 27 फरवरी, 1909 को ग्राम बडौनी (दतिया, मध्य प्रद... Read more

रामानुजाचार्य

*रामानुजाचार्य प्राचीन काल में हुए एक प्रसिद्ध विद्वान थे। उनका जन्म मद्रास नगर के समीप पेरुबुदूर गाँव में हुआ था। बाल्यकाल में इन्ह... Read more

सुख की खोज

*सुख की खोज* *एक बार की बात है की एक शहर में बहुत अमीर सेठ रहता था| अत्यधिक धनी होने पर भी वह हमेशा दुखी ही रहता था| एक दिन ज़्य... Read more

कुश्ती को समर्पित पद्मश्री गुरु हनुमान

*कुश्ती को समर्पित पदम् श्री गुरु हनुमान* भारत में कुश्ती गांव-गांव में प्रचलित है। हर गांव में सुबह और शाम नवयुवक अखाड़े में व्य... Read more

महान भोतिक विज्ञानी स्टीफन हाकिंग

*महान भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग का प्रेरणादायी जीवन* *“मैं अभी और जीना चाहता हूँ।”* *ये कथन किसी और के नहीं विश्व के महान व... Read more

दिव्यांग क्रांतिवीर चारुचंद्र बोस

*दिव्यांग क्रांतिवीर चारुचंद्र बोस* बंगाल के क्रांतिकारियों की निगाह में अलीपुर का सरकारी वकील आशुतोष विश्वास बहुत समय से खटक रह... Read more

इंसान जाने कहाँ खो गए हैं

जाने क्यूँ, अब शर्म से, चेहरे गुलाब नहीं होते। जाने क्यूँ, अब मस्त मौला मिजाज नहीं होते। पहले बता दिया करते थे, दिल की बाते... Read more

संस्कार

🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸 लघुकथा : मनुष्य के मूल संस्कार। एक परिवार मे तीन भाई और एक बहन थी...बड़ा और छोटा बेटा पढ़ने मे बहुत तेज थे। उनके माँ... Read more

मुजफ्फर हुसैन

*कलम के योद्धा मुजफ्फर हुसैन* अपने लेखन से सत्य को उजागर करना बहुत कठिन काम है। वो भी एक कट्टर समुदाय के बीच; पर मुजफ्फर हुसेन न... Read more

शेर और लोमड़ी

*एक बार एक किसान जंगल में लकड़ी बिनने गया तो उसने एक अद्भुत बात देखी।* *एक लोमड़ी के दो पैर नहीं थे, फिर भी वह खुशी खुशी घसीट कर चल... Read more

बिस्मिल्ला खां

*विश्वनाथ के आराधक बिस्मिल्ला खां* भगवान विश्वनाथ के त्रिशूल पर बसी तीन लोक से न्यारी काशी में गंगा के घाट पर सुबह-सवेरे शहनाई के... Read more

एक उम्र गुस्ताखी के लिए भी

*एक ऊम्र, गुस्ताख़ियों के लिये भी नसीब होनी चाहिये* *ये कम्बख़्त ज़िंदगी तो बस, अदब और लिहाज़ में ही गई..!!* Read more

एहसान भी गुनाह है

*खुदगर्ज की बस्ती में,* *एहसान भी एक गुनाह हैं,* *जिसे तैरना सिखाओ,* *वही डुबाने को तैयार रहता हैं . . .* Read more

मीरां बाई

*कृष्ण प्रेम में दीवानी मीराबाई* भारत का राजस्थान प्रान्त वीरों की खान कहा जाता है; पर इस भूमि को श्रीकृष्ण के प्रेम में अपना तन-... Read more

हेमू कालाणी

*सिन्ध का क्रांतिवीर हेमू कालाणी* अंग्रेजों के शासनकाल में भारत का कोई प्रान्त सुरक्षित नहीं था। उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम सब ओ... Read more

नवाब खान

*पांचाल क्षेत्र में क्रान्ति के संचालक नवाब खान* उत्तर प्रदेश में बरेली और उसका निकटवर्ती क्षेत्र पांचाल क्षेत्र कहलाता है। जन मा... Read more