RAMAN BHAGAT

Chandigarh

Joined January 2018

आल इंडिया रेडियो मे ट्रांसमिशन ऑफिसर पद पर तैनात।
रेडियो सुनने के शौकीन और किताबो से लगाव यूँही हो गया।
लिखने का शौक रेडियो से पड़ा। गाने लिखता हूँ, गाता हूँ।

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तस्वीर से मुलाकात

तस्वीर से मुलाकात------ तू सुबह की भोर सी है। मै ठहरा संध्या का अँधेरा। तेरे आलिंगन से भबरे है उठते ,मेरे सानिघ्य मे जुगनु टिमटि... Read more

शीर्षक-----क्या बात है।

किताबो के पन्ने पलट के सोचेते है। यूँ पलट जाये जिंदगी तो क्या बात है। तमन्ना जो पूरी हो ख्वाबो मे, हकीकत बन जाये तो क्या बात है... Read more

शीर्षक---- मुझे खत लिखना है।

तुम पर मुझे खत लिखना है। पता नही कब,कैसे कहा लिखना है। जब भी लिखना है तुम्हे सन्मुख रखकर लिखना है। पता नही तुम्हे पास बैठाकर या तुमस... Read more

ऑफिस मे मै।

रोज मै कुछ न कुछ ढूंढ़ता रहता हूँ। कंप्यूटर के क्लिक से ब्राउज़र की ब्राऊज़िंग तक मै उलझा सा रहता हूँ। ऑफिस के कमरे की खिड़की से लोग... Read more

बस एक ख़ामोशी।

बस एक ख़ामोशी फिर घिर आयी है। चलते-चलते कही दूर तलक रास्ता फिर भटक आयी है। थी किसी के इंतज़ार वहा मौन खड़ी। फिर राही मिल गया और वो... Read more