रमाकान्त पटेल

झाँसी , उत्तर प्रदेश ।

Joined November 2018

युवा रचनाकार , समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में रचनायें प्रकाशित ।

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कविता की उत्पत्ति

दर्द की ज्वाला जब फूटती है तो कविता खुदबखुद निकलती है प्यार की डोर जब टूटती है तो कलम खुदबखुद चलती है मन जब अंदर से रोता है तो ... Read more

नया सवेरा हैं बेटियाँ................

हम सब की प्यारी हैं बेटियाँ सारे जग से न्यारी हैं बेटियाँ खेतों की एक क्यारी हैं बेटियाँ बाग की नई फुलवारी हैं बेटियाँ म... Read more

माँ साथ होती तो...

आज माँ साथ होती तो भूखा नहीं सोता मैं आज माँ साथ होती तो अकेले नहीं रोता मैं आज माँ साथ होती तो इतना न सोचता मैं आज माँ साथ हो... Read more