Rakhi Vashisht

Joined December 2016

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त्रिवेणी 3

चाहा था छुपा कर रखेगें दास्ताने इश्क पर मेरा यूँ बेमतलब मुस्कुराना सारी हकीकत बयाँ कर गया Read more

त्रिवेणी 2

सौदागर हैं सभी, मतलब से काम रखते हैं कुछ देने आये तो खबरदार रहना बदले में लेने की फेहरिस्त तमाम रखते हैं Read more

त्रिवेणी 1

ख्वाब देखा था मैने खुश रहने का चंद मुस्कुराते फूल देखे तो जाना खुश रहने का सामान मुफ्त मिलता है। Read more