Rakhi Kulshrestha

Kanpur

Joined August 2018

MA Hindi & Psychology from bundhelkhand University
अपनी भावनाओं को लिखने की कोशिश करती हूँ।

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इश्क में दर्द

गुफ्तगू करके हमें सोने नहीं देते हैं मेरी सांसों की धड़कन को बढ़ा देते हैं।। अभिनय में माहिर बातें उनकी मीठी मीठी इश्क में गिरफ्... Read more

ख्वाब में

बेवजह ख्वाब में वो हमें यूं सताते रहे अपनी आंखों का नूर हमें यूं दिखाते रहे।। चांदनी रात आगोश में लिए बैठे रहे जाम अधरों को लगा... Read more