Rakhi Kulshrestha

Kanpur

Joined August 2018

MA Hindi & Psychology from bundhelkhand University
अपनी भावनाओं को लिखने की कोशिश करती हूँ।

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इक नौ साल के बेटे का सवाल जवाब का सजीव वर्णन

मां क्या बेटियाँ सबको प्यारी लगती हैं हम बेटे बन कर आए यह बात हमें चुभती है।। स्कूल में टीवी हर तरफ बेटी ही छायी है क्या हम बेट... Read more

इश्क में दर्द

गुफ्तगू करके हमें सोने नहीं देते हैं मेरी सांसों की धड़कन को बढ़ा देते हैं।। अभिनय में माहिर बातें उनकी मीठी मीठी इश्क में गिरफ्... Read more

ख्वाब में

बेवजह ख्वाब में वो हमें यूं सताते रहे अपनी आंखों का नूर हमें यूं दिखाते रहे।। चांदनी रात आगोश में लिए बैठे रहे जाम अधरों को लगा... Read more

जय जवान जय किसान

जय जवान और जय किसान नारा खूब लगाते हो। जो किसान की खेती से पेट तुम्हारा भरता है व्यंजन बना बनाकर मानव मन संतुष्ट करता है उस किस... Read more

इंकलाब जिंदाबाद

इंकलाब जिंदाबाद का नारा खूब लगाए हो भारत मां के लाल हो ऐसा जज्बा दिखाए हो।। कमजोर नहीं हो तुम देश बुलंदियों पर लाए हो भारत को आ... Read more

बिन्दी

बिन्दी से अस्तित्व है मेरा सूरज चन्दा का है घेरा।। बिन्दी के आकार की धरती सारी दुनिया जिस पर बसती।। अंकों की पहचान है बिन्दी ... Read more