अश्क़ों को पलकों पे, सजाए रक्खा है।
होठों से गीतों को, लगाए रक्खा है।।
सबके दिल की ली जो तलाशी तो पाया
सबने दिल में “राज” छुपाए रक्खा है
श्री राकेश “राज”

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शेर

हैसियत वो शय है कि जिसके आगे यार मोहब्बत नए ज़माने की, दम तोड़ देती हैं श्री राकेश "राज" Read more

नववर्ष मुक्तक

"मुक्तक" हर एक पल हर घड़ी, सिर्फ खुशहाल हो। ओ गुनगुनाती हुई, वक़्त की चाल हो।। नफ़रतें दूर हों, सिर्फ चाहत रहे ऐसा सबके लिये, ये नय... Read more