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कम किसी से नहीं गुणवती बेटियां

हौसलों से भरी डोलती बेटियां हर कठिन लक्ष्य को भेदती बेटियां ———————————– पाँव रोको नहीं आज टोको नहीं पंख पाकर गगन चूमती बेटियां ... Read more

कम किसी से नहीं गुणवती बेटियां

हौसलों से भरी डोलती बेटियां हर कठिन लक्ष्य को भेदती बेटियां ----------------------------------- पाँव रोको नहीं आज टोको नहीं पंख ... Read more

बात दर बात हो फैसला कुछ नहीं

बात दर बात हो फैसला कुछ नहीं एक छल है ये छल के सिवा कुछ नहीं ----------------------------------------------- मिट गये हम ख़ुशी स... Read more

मैं कब्र में सुकून से लेटा न रह सका वोटों से मेरी लाश के सौदे की बात सुन

मैं कब्र में सुकून से लेटा न रह सका वोटों से मेरी लाश के सौदे की बात सुन ------------------------------------------------- रा... Read more

मुझमें न ढूँढ रोज़ फरिश्तों की सूरतें मेरा फ़लक से कोई मरासिम न था कभी

मुझमें न ढूँढ रोज़ फरिश्तों की सूरतें मेरा फ़लक से कोई मरासिम न था कभी राकेश दुबे "गुलशन" 19/11/2016 बरेली Read more

बिछड़ी है आसमां से पलक पर झुकी है क्या आँखों में अश्कबार घटा ढूँढती है क्या

बिछड़ी है आसमां से पलक पर झुकी है क्या आँखों में अश्कबार घटा ढूँढती है क्या ---------------------------------------------... Read more

वफ़ा करते दिले- बीमारे- उल्फ़त से नज़र भर देखते मुझको मुहब्बत से

वफ़ा करते दिले- बीमारे- उल्फ़त से नज़र भर देखते मुझको मुहब्बत से ---------------------------------------------- ग़ज़ल क़ाफ़... Read more

बरगला ये हवा रही है मुझे साथ अपने बहा रही है मुझे

बरगला ये हवा रही है मुझे साथ अपने बहा रही है मुझे ---------------------------------------------- ग़ज़ल क़ाफ़िया- आ, रद... Read more

लक्ष्य बड़ा है देश हित, धीरज रखिये आप। जरा जरा सी बात पर, करिये नहीं विलाप।।

लक्ष्य बड़ा है देश हित, धीरज रखिये आप जरा जरा सी बात पर, करिये नहीं विलाप ---------------------------------------------- कहीं फा... Read more

ज़िंदगी की धूप ने झुलसा दिया सारा बदन

ज़िंदगी की धूप ने झुलसा दिया सारा बदन जल रहा है आज बनकर एक अंगारा बदन ---------------------------------------------... Read more

नया साहिल बनाना चाहता है समंदर क्या जताना चाहता है

नया साहिल बनाना चाहता है समंदर क्या जताना चाहता है ----------------------------------------- ग़ज़ल क़ाफ़िया- आना, रदीफ़- चाहता ह... Read more

ज़ख़्म आहिस्ता दुखाकर चल दिये

ज़ख़्म आहिस्ता दुखाकर चल दिये आप जो ये मुस्कुराकर चल दिये ----------------------------------------- ग़ज़ल, क़ाफ़िया-आकर, रदी... Read more

वफ़ा पर हमारी न उँगली उठाना

वफ़ा पर हमारी न उँगली उठाना कि रुसवा करेगा हमें कल ज़माना ---------------------------------------------- ग़ज़ल क़ाफ़िया- आना,र... Read more

इम्तिहाँ मत लीजिये मेरी वफ़ा का

इम्तिहाँ मत लीजिये मेरी वफ़ा का आपको कुछ डर नहीं है क्या ख़ुदा का ---------------------------------------------- ग़ज़ल क़ा... Read more

राग अधरों पर सजाना आ गया

राग अधरों पर सजाना आ गया लो मुझे भी गीत गाना आ गया छटपटाहट आज मन की भूल कर दर्द में भी मुस्कुराना आ गया नेह की इक बूँद को गि... Read more

आदमी के काम आना आदमी का काम है

आदमी के काम आना आदमी का काम है देखना क्या रात या दिन दोपहर या शाम है डूब जाता है सफ़ीना साहिलों के पास आ बस भँवर बेकार में ही ह... Read more

आज कुछ ऐसी कलमकारी हुई

आज कुछ ऐसी कलमकारी हुई ये ग़ज़ल तो प्यार से प्यारी हुई मुज़रिमों में कर लिया शामिल हमें भूल हमसे तो न कुछ भारी हुई फिर फ़लक ... Read more

बात मतलब की करे संसार है

बात मतलब की करे संसार है बस दिखावे के लिये ये प्यार है काटती हैं रात दिन तन्हाईयां ज़िंदगी जीना बड़ा दुश्वार है दो निवालों क... Read more

अँधेरी बस्तियों को रोशनी का सिलसिला देना

अँधेरी बस्तियों को रोशनी का सिलसिला देना उजालों की तमन्ना में हमारा दिल जला देना सजाये ख़्वाब है हमने लहू का रंग भर भर कर हमें ... Read more

कौन अरबी फ़ारसी पढ़ कर कभी शायर हुआ

कौन अरबी फ़ारसी पढ़कर कभी शायर हुआ इश्क़ ने जिसको रुलाया बस वही शायर हुआ आज भी उन गेसुओं में है गुलाबों की महक काट कर साये में ... Read more

कली बुझी बुझी हुई गुलों में ताज़गी नहीं

कली बुझी बुझी हुई गुलों में ताज़गी नहीं सभी बहुत उदास हैं नसीब में ख़ुशी नहीं बहार वादियों से छीन ले गई है ख़ुश्बुएं चमन परस्त ... Read more

लिपटकर हम न साहिल से कभी रोये यहाँ यारो जिये तूफ़ान की जद में हमें आंधी ने पाला है

कहीं है चर्च गुरुद्वारा कहीं मस्जिद शिवाला है ख़ुदा को भी सभी ने कर यहाँ तक़सीम डाला है किसी ने आज देखा है मुझे त... Read more

सोच समझ कर बोला कर राज़ न दिल के खोला कर

सोच समझ कर बोला कर राज़ न दिल के खोला कर इतनी सख़्ती ठीक नहीं ख़ुद को थोड़ा पोला कर सब तो एक न जैसे हैं बोल न सबको भोला कर ... Read more

बोलें सोच विचार कर, कह कर गये कबीर

बोलें सोच विचार के, कह कर गये कबीर रखो जीभ के पाँव में, डाल सदा जंजीर घाव न भरते उम्र भर, देते कष्ट अपार जब जब मन को वींधते, कट... Read more

झूमकर जो कल उठी थी

झूमकर जो कल उठी थी एक बदली मनचली थी आँख बन बैठी समंदर हर पलक भीगी हुई थी होश में आये तो जाना क्या गजब की बेख़ुदी थी नूर ... Read more

जख़्म जब भी जिगर का हरा हो गया

जख़्म जब भी जिगर का हरा हो गया दर्द हद से बढ़ा और दवा हो गया दिल मचलने लगा है सरे शाम से क्या बताएं तुम्हें दिल को क्या हो गया... Read more

आदमी अमीर हूँ

आदमी अमीर हूँ खो चुका ज़मीर हूँ जो न खुल के रो सकी वो जिगर की पीर हूँ जख़्म के जहान की दर्द की नज़ीर हूँ जाने किस हसीन क... Read more

न मुझको घाट का रक्खा न घर का

ग़ज़ल- न मुझको घाट का रक्खा न घर का अजब अंदाज है उसकी नजर का जला कर रख दिया है आशियाना करूँ क्या मैं भला ऐसे शजर का कभी द... Read more