मेरे हाथ के खून से

मेरे हाथों के खून से मेरे हाथों के खून से,कभी मेहँदी तू लगाना याद जब मेरे आये तों, थोडा तू मुस्कुराना मैंने ये ग़ज़ल कलम से ... Read more

माँ

माँ अदृश्य इस संसार में माँ को कोई समझ ना पाया, भूखे पेट में रह के भी पेट भर तुम्हे भोजन खिलाया। ऊँगली पकड़ कर जिसने तुम्हे चलना स... Read more