Rajshree Gaur

Joined January 2017

लेखिका राजश्री गौड़ बीए बीएड़
जन्मतिथी24-11-56.
पिता –श्रीभीमसेन पराशर
माता -श्रीमति जयदेवी पराशर
साहित्यिक सम्मान–नारीगौरव,भारत की प्रतिभाशाली कवयित्रियाँ ,
प्रेम काव्य सागर , काव्यश्री सम्मान।

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ख़्वाबों की किरचियों में हूं

ख़्वाबों की किरचियों में हूं तो हसरतों में हूं । तेरे लबों की आज भी मैं लाग्जिशों में हूं। माना कभी था तूने मुझे अपनी जिंदगी, ... Read more

आखिरी सांस तक रवानी है

आखिरी सांस तक रवानी है। जिंदगी की यही कहानी है। जिंदगी का भरोसा क्या करना, शाख़े गुल है टूट जानी है। पाल कर रखते दिल में सार... Read more

लगी यूं झड़ी फिर ख़्यालात की

लगी यूँ झड़ी फिर ख़्यालात की। कटेगी नहीं रात बरसात की । हँसना अकेले गवाँरा नहीं, है चाहत हमे फिर मुलाकात की। इशारों में तुमन... Read more

अश़्कयूंबेबसी में

अश्क यूँ बेबसी में बहाते रहे। तुम हमें हम तुम्हें याद आते रहे। ख़्वाब हमने सजाये हसीं थे मगर। गर्द में हम गमों की नहाते रहे । ... Read more

शजर रूठा हुआ रहता है सावन रूठ जाता है

शज़र रूठा हुआ रहता है सावन रूठ जाता है । बुजुर्गों के बिना तो घर का आँगन रूठ जाता है । मुकद्दस दिल हो सीने में तो रहती है चमक क... Read more

किसे गुजरा जमाना देखना है

किसे गुजरा जमाना देखना है। हमें आगे का रस्ता देखना है। चले तो आये हैं तेरे जहां से, कहां अब हो ठिकाना देखना है। जुदा कर हंस ... Read more

तमाम उम्र बिता दी मगर नहीं जाना।

तमाम उम्र बिता दी मगर नहीं जाना। कि जिंदगी के सफर को सफर नहीं जाना। कठिन हो राह तेरी और दूर मंजिल हों, सफर में हौसला ... Read more

वही कल तुमको पाना है

मेरे आँगन की चिड़िया, तुम उड़ परदेश जाना है , पिया के देश जाना है। बाबुल का ये आँगन भी सदा देखेगा राह तेरी ... Read more

नैतिक मू्ल्य

नैतिक मूल्य रहे कहाँ इन्सानों में मानव भटका स्वार्थ के तानोंबानों में। आदर्शहीन,अवसाद पूर्णजीवनसब जीते, कुकृत्य और हिंसा का गरल स... Read more

पिया याद रखना

जाते हो जाओ, पर याद रखना, राह की मेरे पहचान रखना । आये जो सावन पिया मन-भावन, बरसेंगे बदरा तरसेंगे नयना, भीगेगा तन-मन,पिया ... Read more

मेरी नजर में धर्म

मेरी नजर में ----- क्या है धर्म ? किसी ने मुझसे बोला मैंने भी ...... खुद को टटेला पूजा ? पाठ ? खड़ताल बजाना ? नहीं.....मेरा ... Read more

प्रीत बावरी

भोली-सी ये प्रीत बावरी, मन मेरा भरमाती है । पी' आयेंगे, चुपके चुपके, कानों में कह जाती है । स्वप्निल नैना द्वार निहारें, मुख ... Read more

एक औरत

-----एक औरत---- एक औरत... जब अपमान, तिरस्कार सहते सहते क्षुब्ध हो जाती है, बटोर कर अपने सभी टुकड़े पलायन करना चाहती है तो----- ... Read more

मेरी बेटी---मेरीदुनिया

मेरी बेटी---मेरी दुनिया तुम कल भी मेरी दुनिया थी, तुम आज भी मेरी दुनिया हो। जब जन्मी तुम मेरे आँगन में, मेरा सूना जीवन चहक उठा... Read more

मेरी बेटी---मेरी य

------मेरी बेटी---मेरी दुनिया------ तुम कल भी मेरी दुनिया थी, तुम आज भी मेरी दुनिया हो। जब जन्मी तुम मेरे आँगन में, मेरा सूना ... Read more