Rajni Chhabra

Joined February 2017

कवियत्री व् अंकशास्त्री /हिंदी, इंग्लिश , पंजाबी में कविता लेखन व उर्दू, राजस्थानीं, पंजाबी से हिंदी , इंग्लिश में अनुवाद कार्य, रचनाएं व इंटरव्यू दैनिक भास्कर, राजस्थान डायरी,अमर उजाला, अनुवाद परिषद्, देहली, इंडियन लिटरेचर, साहित्य अकेडमी द्वारा प्रकाशित /होने से न होने तक, पिघलते हिमखंड, Maiden Step, Mortgaged मेरे काव्य संग्रह

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तुम्हारी वसीयत

सहेज कर रखूँगी वतन की आन की ख़ातिर जो शौर्य की वसीयत तुम मेरे नाम कर गए मुस्कुरा कर सहूँगी वक़्त का हर सितम देशभक्ति क... Read more

मैं कहाँ थी

मैं जब वहां थी तब भी, मैं नहीं वहां थी अपनों की दुनिया के मेले में , खो गयी मैं न जाने कहा थी बड़ों की खूबियों का अनुकरण ... Read more

सिमटते पँख

पर्वत, सागर, अट्टालिकाएं अनदेखी कर सब बाधाएं उन्मुक्त उड़ने की चाह को आ गया है खुद बखुद ठहराव रुकना ही न जो जानते थे कभी बँधे... Read more

मन विहग

आकुल निगाहें बेकल राहें विलुप्त होता अनुपथ क्षितिज छूने की आस अतृप्त प्यास तपती मरुधरा में सावनी बयार नेह मेह का बरसना... Read more