Rajkumar Kochhor

Jaipur

Joined February 2018

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परिन्दें

"परिन्दें" बड़ी बड़ी इमारतें है ठिकाना मेरा, न जाने कहाँ है खाना मेरा । "परिन्दें" है हम इस दुनिया के, खुला आसमान है सफर मेरा... Read more

रक्त

"रक्त" एक पल की जिन्दगी और दो का वक्त , टुटते है रिश्ते-नाते पर जोड़ता है रक्त । तेरा खुन भी लाल और मेरा भी लाल, सभी धर्मो... Read more