RAJENDRA JOSHI

Joined January 2017

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होली

रंग औ गुलाल कर, प्यार भर गाल पर, चंदन-कुंकुंम तर, माथे औ भाल पर, उर में आनन्द भर, बाहों में उल्लास भर, मुख पे मुस्कान धर, अधरों ... Read more

मत बाँधों ... मुझको !

मत बाँधों तुम समय में मुझको, मुझे उन्मुक्त जीवन सा बहने दो, गुण हैं कुसुम से, तन में, ह्रदय में, बिंधकर हार में हार जाऊंगी मैं ... Read more

वेलनटाईन डे

1) दिन एक नहीं है काफी इज़हार-ए-इश्क के लिए, इक उम्र भी है नाकाफी बहार-ए-इश्क के लिए...!!! वो मिलकर यूँ बिछड़ गए ज्यूँ लम्हे वक्त... Read more

जिंदगी

1. जिंदगी, मुश्किल ही सही पर, मजे़दार बहुत है ! 2. जिंदगी, तुम वो तो नहीं ? जो पहले मिली थी कहीं, 3. जिंदगी, कभी कहीं ठहरो अ... Read more

राखी

दीदी, जानता हूँ इस बार भी तुम नहीं भेज पाओगी, राखी ! पर जब तुम गुजरोगी बाज़ार से, उन रेशमी डोरियों को, अपनी मखमली आँखों की छुअन... Read more

जिंदगी

माना कि कामयाबियों से अभी फ़ासलें बहुत हैं, पर ऐ जिंदगी, मुझमें भी अभी होंसलें बहुत हैं, हाँ, बिखेर दिये होंगें तुमने महल कितने ही... Read more

तुम

आलमारी में रखी किसी पुरानी तस्वीर की तरह, पहले कभी खोयी पर अब मिल क्यूं नहीं जाती, तुम मेरे ज़हन की भूली बिसरी यादों की तरह, लब... Read more

गज़ल

न छुपा मुझे तु कहीं, मैं कभी छुप न पाऊँगा, दरिया हूँ मैं, एक उम्र के बाद रुक न पाऊँगा ! तु समेट लें यादों में बस, मुट्ठी में ... Read more

मित्र ...... तेरे वो पत्र !

मित्र....... तेरे वो पत्र ! दूरिया भूगोल की उतनी नहीं फिर भी मित्र, मिलते नहीं वो तुम्हारे स्नेहसिक्त सुरभित पत्र, कि जिनको बारम्... Read more