Rajiv dogra

Kangra , Himachal pardesh

Joined September 2018

तक अभी तक मेरी कविताएं और लेख हिंदीकुंज, स्वर्ग विभा, साहित्य लाइव ,अमर उजाला, जयदीप पत्रिका ,युवा प्रवर्तक जैसे पत्र पत्रिका में प्रकाशित हो चुकी है मेरी पहली कविता “बेड़ी का दर्द” अमर उजाला में प्रकाशित हुई थी।

Copy link to share

श्री सिद्धिविनायक स्तुति

हे! ऋद्धि सिद्धि के दाता तुम हो मेरे भाग्य-विधाता पूर्ण कीजिए प्रभु मेरे सब काजा। ॐ गं गं गं गणपति गणेशा भक्त तेरे पड़ा घने कले... Read more

मुक्तक

बहती हुई लहरों से सीखा कर चलना डूब जाती है अक्सर वो नाँव भी जो किनारों पर खड़े हुई बस ताकती ही रहती है। -राजीव डोगरा Read more