Rajendra jain

Joined January 2017

प्रकृति, पर्यावरण, जीव दया, सामाजिक चेतना,खेती और कृषक की व्यथा आदि विषयों पर दोहा, कुंडलिया,चोपाई,हाईकु आदि छंद बद्ध तथा छंद मुक्त रचना धर्मिता मे किंचित सहभागिता…..

Copy link to share

विद्यासागर चालीसा

हमारी कृति विद्याधर से विद्यासागर चोपाई शतक से संक्षिप्त मे देखिए चालीसा के रूप मे सादर... दोहा वंदन ... Read more

हाईकु एकादश

संसार के सर्वोच्च योगी वीतरागी दिगम्बर संतो के चरणों मे कोटि कोटि नमन करते हुए प्रस्तुत है उनकी महिमा मे इस लघु कवि का अल्प प्रयास ... Read more

हाईकु एकादश

आज के हमारे अभी अभी के हाईकु सादर... स्वप्न हाईकु-एकादश १ स्वप्न का लोक बहुत सुहाना है पल भर का। २ वास्तविकत... Read more

हाईकु-एकादश

हालातों की जब भी बात हुई किसान की हालत किसी से छिपी नही है इतिहास बताता है विदेशियों के आने के पूर्व यहाँ सभी कुछ समृद्ध था मगर जो ... Read more

हाईकु अष्टक

आज के दिन पर देखिए हमारे हाईकु कुछ इस तरह हाईकु-अष्टक १ प्रेम ही पूजा प्रेम के लिए लिखें प्रेम समझ २ प्रेम ज... Read more

कोई भी मजबूर न

आज हमारी रचना देखिए कुछ इस तरह कोई भी मजबूर न चिल चिलाती धूप मे तपकर भी तपता नही कड़ कड़ाती ठंड मे कपकर भी कपत नही ... Read more

कुँडलिया छंद

[12/2, 12:23 pm] राजेंद्र जैन 'अनेकांत': आज वन, वन जीव पर्यावरण से अत्यधिक प्रभावित है यहाँ तक की कई प्रजाति तो विलुप्ती के कगार पर... Read more

कुडलिया-छंदक्र.४५ से आगे

कुंडलिया छंद ४६ शामा शामा चिड़िया सुर मधुर, जंगल जंगल गाय। महिना चैत अषाढ़ मे, तिनका तिनका लाय।। तिनका तिनका लाय ,बनाय... Read more

कुँडलिया-छंद

पशु पक्षी,पर्यावरण पर आधारित कुंडलिया छंद १ विषधर १ विषधर शिव के कंठ मे, मानव चरण न पाय। उगले मानव जह... Read more

दोहे-एकादश

बसंत(फागुन) पर देखिए हमारा प्रयास.... दोहे-एकादश शरद विदाई शुभ घड़ी, ऋतु बसंत महकाय। सुरभित सुमन सुवास नभ, सुरमय कंठ सुहाय।।... Read more

हाईकु

आज के हमारे हाईकु देखिए कुछ इस तरह चुंबन प्रेम हाईकु-पंच १ चुंबन प्रेम भारत मे जानिए पवित्रतम २ देश प्रेम ह... Read more

हाईकु एवं चोपई छंद

इस देश का किसान मजदूर कर्ज मे जीता है और कर्ज मे ही मरता है इसी पर हमारे हाईकु एवं चौपई छंद देखिए... हाईकु -पंच (वर्ण,७,५,७) ... Read more

भूकम्प

भूकंप पर हमारे भाव सादर... कुंडलिया-छंद ईश्वर तेरे द्वार पर, ये कैसा अंधेर। जीवन की आशा जहाँ, पर लाशों का ढेर पर लाशों ढेर... Read more

हाईकु-पंच

आज के हमारे हाईकु कुछ इस तरह सादर... हाईकु-पंच १ भ्रम मे जीते जीवन मे तनाव गले के फीते २ अनेकांत है समझिए ... Read more

निज कर्म

कर्तव्य(कर्म)पर हमारी आज की रचना कुछ इस तरह देखिए...... निज-कर्म करो नित काम मिले तब दाम बने सब काम जपो प्रभु नाम तभी... Read more

बसंत पर दोहा एकादश

बसंत पर देखिए हमारा प्रयास.... दोहे-एकादश शरद विदाई शुभ घड़ी, ऋतु बसंत महकाय। सुरभित सुमन सुवास नभ, सुरमय कंठ सुहाय।। ... Read more

हाईकु-एकादश

आज देखिए हमारे हाईकु कुछ इस तरह हाईकु-एकादश १ पहला प्यार बसंत उपहार जीवन खुश २ जीवन साथी प्रेम गठबंधन मजब... Read more

दुमदार दोहे

आज देखिए हमारे कुछ दुमदार दोहे... दुमदार दोहे... १ लोकतंत्र जब देश मे, भीड़तंत्र बन जाय। सही गलत की सोच तब, भीड़ में ह... Read more

हाईकु-पंच-कवि का मेवा

अभी अभी के हाईकु सादर.... हाईकु पंच १ नाम के लिए सीमाएँ तज रहे दाम के लिए २ छल प्रपंच अपनो की उपेक्षा नाम के मंच ... Read more

हाईकु-छंद

१ सच्ची जिंदगी पापाचरण तज अच्छी वंदगी २ व्यसन त्यागें गुणों मे श्रेष्ठतम वे रहें आगे ३ जिंदगी जीत कर्तव्य प... Read more

हाईकु-पंच

आज के हमारे हाईकु देखिए कुछ इस तरह.... हाईकु-पंच १ हम जो लिखे नाम के लिए तब क्षणिक सुख २ हम क्यो लिखें कुछ दाम के... Read more