raja singh

Joined October 2016

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“तलाश”

“तलाश” - राजा सिंह ऐ मेरी मौत ! तू कहाँ कहाँ भटका करती है ? मैंने तुम्हे तलाशा था , जब बाप दारू... Read more

“चाहतें”

“चाहतें” --राजा सिंह प्यार करने को , बार-बार जाती है चाहते . अनुनय,विनय और अनुरोध करती है,म... Read more

“गज़ल”

“गज़ल” प्यार में कभी सोचने की फुर्सत नहीं रही, मिलने पर बात करने की हिम्मत नहीं रही . कभी देखा उनहोंने जिन नज़रो से, निगाहों ... Read more

कापुरुष

कापुरुष मै अक्सर कुछ न कह पाता हूँ न कर पाता हूँ . मै तब भी – कुछ नहीं कह पाया था जब मेरे बाप ने मेरी प... Read more

अजन्मा प्रतिकार”

““ अजन्मा प्रतिकार” ---राजा सिंह मेरे भीतर , जन्म ले रहा है एक भ्रूण. इसका पालन पोषण मेर... Read more