Rajesh Singh

Gorakhpur

Joined April 2017

Banker in Nationalised bank

Books:
साझा काव्य संग्रह-नये पल्लव १,नये पल्लव २,नये पल्लव ३, काव्यांजलि २, घरौंदा , अविरल धारा एवं उजास
साझा गद्य -बूंद बूंद शब्द

Awards:
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"गुलाबी"

तेरा दिन और रात गुलाबी तेरी तो हर बात गुलाबी आंखों के तेरे रंग गुलाबी तेरा तो हर अंग गुलाबी, चेहरे के जज़्बात गुलाबी तेरी हर ... Read more

"भूल जाते हैं"

जिनके बल पर वो सरकार बनाते हैं चुनाव जीतते ही उनको भूल जाते हैं। वादा करना ख्वाब दिखाना उनके पैंतरे है लोग बहुत ही सीधे हैं झां... Read more

मर्यादा तनिक तो निभाइये जनाब

छोड़िये मार काट की बातें करना मजलूमों पर रहम खाइये जनाब जहर फैल रहा सबकी आंखों में है मर्यादा तनिक तो निभाइये जनाब प्रेम की नद... Read more

'करीब आ जाओ'

गर जानना है मुझको, करीब आ जाओ. पहचानना है मुझको, करीब आ जाओ, सिर्फ दुआ सलाम से फितरत नहीं जानी, दिल्लगी की है तो फिर हाले दिल सुन... Read more