Rahul Soni Rahi

भाटापारा || रायपुर

Joined December 2016

अपने बारे में मैं क्या और कैसा कहूँ … मैं तो अनजान हु खुद से ही तुम्हारी तरह ||
मेरे वजूद से कायल ज़माने में हजारों हैं .. मैं भी इंसान हूँ तुमसा ही.. तुम्हारी तरह ||

लम्बे रास्ते हों भले .. कठनाइयां जीवन छले
मैं “राही” चलता रहूँगा चलता रहूँगा चलता रहूँगा ||

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शब्दों का इश्तेहार

बदल दूँ रूप मिट्टी का ऐसा कलश्कार हूँ मैं तेरे हुस्न का ऐसा तलबगार हूँ मैं नहीं है कोई ख्वाहिश अब मुझे ए सनम सिवा तेरे तेरे ... Read more

मुझे नज़रों में मिला नज़रों का नजराना 'राही'

यूँ आईने में अपना तब्बसुम देख कर शर्माना मुझे नज़रों में मिला नज़रों का नजराना बड़ी शोख सी थी अदाएं शोखियों से भरी फिर दिखा कर अदा... Read more

दुनिया में दर्द हैं बहुत मेरा कुछ भी नहीं 'राही'

देकर के मेरे दिल को मैंने किआ यकीं दुनिया में दर्द हैं बहुत मेरा कुछ भी नहीं.... देकर .... दुनिया ... जो नज़र मेरी खुद से मिली ह... Read more

मेरे वजूद से जुदा हो गई "राही"

लो हकीकत मेरे वजूद से जुदा हो गई.. आज ज़िन्दगी फिर मुझसे खफा हो गई.. जो कहते थे मुझको हम अपने है तुम्हारे... आज इक यही बात फिर दास... Read more