Rahul Pareek

जयपुर

Joined November 2018

मैं भी तेरे जैसा हूँ….

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हानिकारक रोमांस

साहब जी के पास में, खड़ी थी सुन्दर नार चहरे पर चूरण मले, सुरमा नैन हजार सुरमा नैन हजार, देख सर खाए धोखा देख समय अनुकूल, साब ने मार... Read more

ऑनलाइन लव

क्या वो मुझे छोड़कर चली गई.. कई दिनों से उसने मुझसे बात नही की थी न फेसबुक पर कोई मैसेज, न व्हाट्सऐप पर और न ही फ़ोन कॉल मैं हर र... Read more

उलझन

मैं लिखूं किसकी कथाएँ ? उनकी......जो मिथ्या उगलते झूठ के पावों से चलते या, की जिनके पास है सच... और है लाखों व्यथाएँ.. मैं लि... Read more

रूह की चीखें जिस्म के कमरे में..

दिल पर तेरी याद का पहरा रहता है लब पर तेरा नाम क्यों ठहरा रहता है यार मुहोब्बत ने मुझको आबाद किया फिर भी मुझमें खाली सहरा रहता ... Read more

दिल कैदी

मुझसे मिलकर रोज कहानी कहता है मेरे अंदर एक समंदर रहता है रोज बगावत करने को जी चाहता है दिल कैदी फिर क्यों जुल्मों को सहता है ... Read more

बिन मां के ऐसे लगे, मंदिर बिन भगवान

चूल्हा, चौका, और घर, खेत और खलिहान बिन मां के ऐसे लगे, मंदिर बिन भगवान पहली रोटी गाय की, पहला ठाकुर भोज फिर घी शक्कर डाल माँ, भ... Read more