राहुल पाल

गोसाईंगंज फैज़ाबाद 224141

Joined April 2017

लेखक ,छात्राध्यापक ..
((( मेरा परिचय )))
गोसाईगंज फैज़ाबाद जिला अयोध्या में मैं रहता हूँ ,राहुल मेरा नाम ।
लिखना,कहना ,सुनना ,पढ़ना और पढ़ाना बस इतने ही मेरे काम ।।
ग्रेजुएशन मैंने कर लिया D.EL.ED. की पढ़ाई जारी है ।
शिक्षा का विस्तार करू मैं,अध्यापक बनने की तैयारी है ।।
पापा की मैं जान हूँ ,पापा जी है मेरी जान ।
मैय्या मेरी ममता की मूर्ति,भाई है मेरी शान ।।
जो कुछ मिला है प्रभु से मिला ,बस हो न जाये अभिमान ;
सबसे मिल करके रहू,संस्कार है,मेरा देना सबको सम्मान ।।
दोस्तों की क्या बात करू,जो चुलबुले है,नठखट जिनके अंदाज ;
तराने इनके खुशनुमा है,मिलकर दुनिया,खुश हो जाती है आज ।
इश्क़-विस्क का कोई चक्कर नहीं,अपना हर किसी से प्रेम का नाता है ;
प्रेम की भाषा जो मुझसे बोले,वो हर कोई मेरे मन को भाता है ।।
((( ” कवि राहुल पाल “)))
फ़ैज़ाबादी
—-अवध से —

Copy link to share

मित्रता (मुक्तक )

मित्र बनाते ,चलो तुम प्यारे , इस जीवन उलझन राहों में ! नेह का बन्धन जोड़ो सबसे, तुम पतवार बनो मझधारों में ! तुम बनो संघाती कृष्ण ... Read more

धनुषाकार वर्ण पिरामिड

हे! १ मात २ शारदे ३ हंसासना ४ तम हर लो ५ अज्ञान मिटा दो ६ पथ प्रकाशित हो 7 हे! माँ ज्ञानदा... Read more

चित चंचल मोरा वश में नाही..

चित चंचल मोरा वश में नाही.. जबसे छवि देखी प्रीत की .. प्रेम की बदरी बरसत रिमझिम उर जानत है मन रीत की ..!१ अंखियन में कजरा बहक... Read more

माफ़ीनामा

जो हुई ख़ता मुझसे वो मान लिया मैंने, एक तुम ही तो अपने हो पहचान लिया मैंने, कुर्बा हो जाऊंगा यदि तुम मुझसे रूठोगे... हृदय को ... Read more

वर्ण-शब्द उत्पत्ति

वर्ण उत्पत्ति हुई है कहाँ से... ये शब्द कथा है बहुत पुरानी , ध्यान से सुनो हे! मित्र हमारे शायद हो ये जानी पहचानी ! हाँ श्रावण म... Read more

दीप की व्यथा

दीप खामोश चिताओं सा जलकर ख़ाक हो गया , मगर कुछ वादों पर वो रात भर टिमटिमाता रहा , देखी उसने उजाले से अंधेरे की दुनिया चारो-पहर , त... Read more

निंदा रस

तू निंदा रस में क्यो डूबा है मैं इस निंदा पर शर्मिंदा हूँ ... नीति दया धर्म का उसूल छोड़ क्यो फिजूल की बाते करते हो अज्ञ अधर्म स... Read more

आख़िरी ग़ुलाब

वो मेरे बग़ीचे का आख़िरी ग़ुलाब था, हर कोई उसे ही तोड़ने को बेताब था, उसकी सुर्ख लाल रंग में लिपटी आभा जैसे आफ़ताब में चमकता महताब था ... Read more

हर गीत में तुमको गाया है..

🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀 हर वर्ण-वर्ण,हर शब्द-शब्द हर गीत में तुमको गाया है .. पावन प्रेम के उपवन सा अपनी भी प्रेम कहानी है, मैं प्यासा सागर ब... Read more

आओ मिलकर दीप जलाएं

आओ मिलकर दीप जलाएं प्रेम राग का अलख जगायें, ज्ञान ज्योति प्रकाश फैलाकर, आओ उर का तिमिर मिटाएं ..१ आओ मिलकर दीप जलाएं सर्व जनह... Read more

कलम का विश्वास

ए क़लमकार विश्वास तुम्हारा बना रहे , कण -कण में शब्द-शब्द मैं लिख दूंगी , यदि तुम पतंग डोर सी साथ रहो तो , मैं विराम को नभ से ऊंचा... Read more

उलझन

मन अशांत है, हृदय व्याकुल है , अब्धि मौन है .. शब्द बिखरे है,जीवन के पन्नों पर !! नेत्रों में धुंध है , ... Read more

नफरत

नफ़रत की आग वो दिल मे कुछ ऐसे जलाए बैठे है .. जैसे दुआ के बदले बद्दुआ की मन्नत मनाये बैठे है..! कई बार देखा खुद के सर को झुकाकर उन... Read more

पथिक

प्रयास ही सतत हो,न कभी तुम विरत हो विफलता से निवृत्त हो,परिश्रम ही प्रवृत्त हो सत्यता से अर्जित हो,असत्य से वर्जित हो लक्ष्य को स... Read more

शिक्षक दिवस 3

जो मन में ही हो निराशा तो कही सावन नही मिलते , जो कीमत हो न गुरुवर की कही ज्ञानी नही मिलते । कि जिसके दिल मे गुरुवर की कही मूरत नह... Read more

शिक्षक

भटकना जिनकी आदत है कभी गुरुवर नही पाते , कि बहरे गीत को जिस तरह कभी सुन नही पाते । लिखा भगवान ने स्थान गुरुवर का बड़ा सबसे , बिना ... Read more

कवि के विचार

सवाल ~कवि इतने शब्द लाते कहा से है .? जवाब -माँ भगवती की कृपा है जो कवियों पर बरस रही है । "" जरूरी नही हर काली घटा मुझपे ही बरसी... Read more

शिक्षक दिवस 2

कही प्रकाश जगमग है कही छाया अंधेरा है । बिना गुरु ज्ञान बाती के मिटता नही अंधेरा है ! जो मूढ़ी है वो क्या समझे गुरु और ज्ञान की महि... Read more

शिक्षक दिवस

जहाँ गुरुदेव दर्शन हों ,वही भवपार होता है ! जहां शिक्षा की बातें हो वही उद्धार होता है ! मुझे लगता नही दुनिया मे गुरु से बड़ा कोई ,... Read more