शिक्षा -B.Sc(CS), MA (political science)
वर्तमान – मध्यप्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर पदस्थ
रुचि – साहित्य में विशेष रुचि ,
-राजनीतिक स्वरूप का जमीनी स्तर पर अध्ययन करना
– जीवंत काव्य लेखन
ईमेल – rppathak1137@gmail.com
Facebook -rahul prakash pathak
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मैं बचपन से साहित्य में रुचि रखता हूं, इसलिये लिखने का शौक है तो कभी अपने अनुभव को तो कभी अपने आसपास के जीवंत लम्हो को देखकर आपके सामने रखने कोशिश करता हूं।

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मंजिल

मुसाफिर बन के देखो,कितनी हसीन है मंजिल। पथरीली से राह में ,मुसीबतों के धूप में, थकान के बाद भी ,चलता है मुसाफिर , गिरता है फिर सम... Read more

शहादत

खून बहता रहा वतन के नाम पे एक माँ भी बैठी रही अपने बेटे की राह में मासूम के सर से साया गया दुल्हन का सिंदूर और बहन की राखी गयी ... Read more

माँ

माँ निश्छल नदी की अविरल धारा ,भव सागर में एक किनारा । रेगिस्तान में जल की धारा, हम बच्चों का एक सहारा । बेचैनी में चैन वो देती,... Read more

हमारा भारत देश

कितना खुश है मासूम सा बचपना,युवा, बुजुर्ग, महिलाएं, गरीब, अमीर और सभी। इस खुशी की कीमत उजड़े हुए शहीद के परिवारो से पूछो तो पता लगेगा... Read more

दोस्त तेरी खुशी

दोस्त,यार,साथी,मित्र,सहचर,और न जाने कितने अलग नाम है इस रिश्ते के । जब गहराई से सोचो तो यकीन होता है कि जिंदगी में गजब के मायने है इ... Read more

पुरानी दोस्ती

वक़्त की दीवार पर लिखी उस, पुरानी इबादत को पढ़ते है। जो वर्षों से दूर है दोस्त अपनें, अब उनसे भी मुलाकात करते हैं । इस वर्ष फ़्रेंड... Read more

मेरी माँ

माँ से दूर रहकर भी मेरी प्यारी माँ को हर पल अपने साथ महसूस करके माँ के आंचल को माँ के हाथ के भोजन को पिता की डांट पर माँ के दु... Read more

मैं याद आऊँगा उस दिन

मैं याद आऊँगा उस दिन मैं याद आऊँगा उस दिन मैं याद आऊँगा उस दिन जब डायरी के पन्ने पलटते हुए वो सूखा गुलाब जमीन में गिर जाएगा ड... Read more

लड़ाई

मैंने देखा है अक्सर लड़ते हुए उनको,तुमको और खुद को कभी जाति को लेकर, कभी धर्म को लेकर, कभी मंदिर को लेकर, कभी मस्ज़िद को लेकर, ... Read more

अधूरी ग़ज़ल

....अधूरी ग़ज़ल.... तू ही मेरी अधूरी ग़ज़ल है तू ही सपनों का ताजमहल है खिला था मेरे दिल के तालाब में जो तू ही वो खूबसूरत कमल है ... Read more

मैं भूल जाता तुझको

मैं भूल जाता तुझको गर मुझमे इस कदर तू समाई न होती। तेरी तस्वीर सीने में मैने लगाई न होती। मैंने सच मे मोहब्बत निभाई न होती । मै... Read more

तस्वीर

जब कभी तस्वीरों को देखता हूं तो ऐसा लगता है कि जैसे वक़्त वापस अतीत में पहुच गया है, और ये बेजुबान तस्वीर कुछ कहने लगती है हां मै... Read more

प्रकृति की करुण पुकार

मुझे बचा ले बेटा तेरी, द्वार खड़ी मां कह रही है। सीना चीर के दूध पिलाया, आज खून की धारा बह रही है। काट रहे है बाह ये मेरी, कुछ सिक्... Read more