Dr. Rajendra Singh 'Rahi'

बस्ती उ. प्र.

Joined October 2020

नाम- डाॅ. राजेन्द्र सिंह ‘राही’
पिता- स्व. रामबृक्ष सिंह। माता-स्व. सुशीला सिंह
पता- ग्राम व पोस्ट–समसपुर जिला-बस्ती (उ. प्र.)
शिक्षा- एम. ए., एम. एड्., पी-एच.डी.,एल. एल. बी., (टेट, रेट,
नेट,)
प्रकाशन – बस! कुआनों बह रही है (काव्य संग्रह) चार साझा संकलन। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में लगातार लेखन एवं प्रकाशन।
विधा- कविता, दोहा, कुण्डलिया, अन्य छंद, गीत, ग़ज़ल, हाइकु, वर्ण पिरामिड, लघुकथा।
सम्मान – अनेक संस्थानों / मंचों के द्वारा साहित्य सेवा हेतु सम्मान।
सम्प्रति – प्रधानाचार्य

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हीन हो संवेदना से चल रहा है आदमी

गीत..... हीन हो संवेदना से चल रहा है आदमी सिर्फ ईर्ष्या-द्वेष में जल रहा है आदमी... कामनायें दे रही पीड़ा निरन्तर मौन हो ज... Read more

देखकर मुझको थोड़ा सा जो मुस्कराने लगे

गीत... (गीत-संग्रह से) देखकर मुझको थोड़ा सा जो मुस्कराने लगे धीरे- धीरे वो मेरे दिल में उतर आने लगे ... जाने कैसा असर थ... Read more

अच्छा होगा संवाद करो

अच्छा होगा संवाद करो.... अच्छा होगा संवाद करो कोई न व्यर्थ विवाद करो... जो कथन स्वयं ही सीधा हो उसका सीधा अनुवाद करो... ... Read more

हक दुश्मन से मांग रहा है

हक दुश्मन से मांग रहा है.... हक दुश्मन से मांग रहा है नाग अभी भी जाग रहा है.... मरा हुआ मत उसे समझना मुर्गा बनकर बांग रहा ... Read more

उम्मीदों का दीप जलायें

उम्मीदों का दीप जलाये..... उम्मीदों का दीप जलायें सबको अपने गले लगायें... प्रेमपूर्ण जीवन ही जीवन कठिन पंथ पर कदम बढ़ाये... Read more