कुछ तुम कहो

कुछ तुम कहो मुझसे कुछ मैं कहु तुमसे दूरियाँ दूर हो जाये हमसे बातों का सिलसिला चलता रहे ऐसे छुप जाए एक दूजे के निगाहों में जैस... Read more

कुछ तो है

ये कैसा रिश्ता है तेरा मेरा तेरे ख्यालो में गुजरती है राते तुझसे ही होता है सवेरा मेरा तुझको देखु जब भी ⓞⓝⓛⓘⓝⓔ दिल घबरा सा जाता ... Read more