मैं, प्रदीप तिवारी, कविता, ग़ज़ल, कहानी, गीत लिखता हूँ. मेरी तीन पुस्तकें “चल हंसा वाही देस ” अनामिका प्रकाशन, इलाहाबाद और “अगनित मोती” शिवांक प्रकाशन, दरियागंज, नई दिल्ली तथा अभी प्रकाशित काव्य संग्रह “मौन नहीं रह पाउँगा” अनामिका प्रकाशन, इलाहाबाद से प्रकाशित हो चुकी हैं. नई पुस्तक “मौन नहीं रह पाउँगा” को आप (amazon.in) पर भी देख और खरीद सकते हैं. हिंदी और अवधी में रचनाएँ करता हूँ. उप संपादक -अवध ज्योति. वर्तमान में एयर कस्टम्स ऑफिसर के पद पर लखनऊ एअरपोर्ट पर तैनात हूँ.
संपर्क -9415381880

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अब चिट्ठियाँ नहीं आतीं

अब चिट्ठियाँ नहीं आतीं सभागार दिमाग में विचारों की भांति खचाखच भरा हुआ है | चारों ओर छात्र-छात्राएँ गणवेश में घूम रहे हैं | आज ... Read more