मैं, प्रदीप तिवारी, कविता, ग़ज़ल, कहानी, गीत लिखता हूँ. मेरी तीन पुस्तकें “चल हंसा वाही देस ” अनामिका प्रकाशन, इलाहाबाद और “अगनित मोती” शिवांक प्रकाशन, दरियागंज, नई दिल्ली तथा अभी प्रकाशित काव्य संग्रह “मौन नहीं रह पाउँगा” अनामिका प्रकाशन, इलाहाबाद से प्रकाशित हो चुकी हैं. नई पुस्तक “मौन नहीं रह पाउँगा” को आप (amazon.in) पर भी देख और खरीद सकते हैं. हिंदी और अवधी में रचनाएँ करता हूँ. उप संपादक -अवध ज्योति. वर्तमान में एयर कस्टम्स ऑफिसर के पद पर लखनऊ एअरपोर्ट पर तैनात हूँ.
संपर्क -9415381880

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आशा के दीप जलाते हैं योगी

योगी को भोग का रोग नहीं, नित योग का भोग लगाते हैं योगी। जनहित में निशिवासर धाय के, जनता का धीर बढ़ाते हैं योगी । प्रदेश के ... Read more

हम तो आग लगायेंगे...

देश के हर कोने को हम तो आग लगायेंगे, हम नेता हैं पक्ष - विपक्ष के मत हथियाएँगे, राजनीति हित आज हमें कुछ करना ही होगा, घृणा द्वे... Read more

नववर्ष शुभ हो

आत्मबल उत्साह में, नित नए प्रतिमान देखे हृदय का प्रमाद भी, नित नए दिनमान देखे लक्ष्य की प्रतिपूर्ति हो, नयन भी सम्मान देखे ‘... Read more

आदमी

है हाड़, मॉस, लहू से तैयार आदमी. पानी का बुलबुला भी औ बयार आदमी. अपने पे मगर आ गया,जो मोदी की तरह, तो देश में बनता है वो सरकार ... Read more

बेटियाँ

बेटियाँ हर कोख कौम देश का अभिमान बेटियाँ कर रही हैं राष्ट्र का निर्मान बेटियाँ प्रकृति प्रदत्त प्रेम की संतान बेटियाँ ... Read more

नए साल पर हों तमन्नाएं पूरी,

नए साल पर हों तमन्नाएं पूरी सिमट जाये बढ़ते हुए दिल की दूरी नए जोश का तन में संचार हो सात्विक विचारों का संसार हो ... Read more

भ्रष्ट कहौ जौ उनका तौ बौराय जात हैं.

भ्रष्ट कहौ जौ उनका तौ बौराय जात हैं. थरिया कै अस जूँठन वै कर्राय जात हैं. जब से भएँ सरकारी अफसर मिटा दरिद्दर सारा. गाड़ी बंगला न... Read more

अवधी रचना- सावन माँ मन भावन है.

सावन माँ मन भावन है, शिव डमरू से फूट रही रसधारा, खेतन, बागन, मेडन मा, हरियाली लपेटे तयार है चारा, गोरु बछेरू पशू औ परानी के साथे ज... Read more