raghav dubey

etawah

Joined December 2017

मैं राघव दुबे ‘रघु’ इटावा (उ०प्र०) का निवासी हूं।लगभग बारह बरसों से निरंतर साहित्य साधना में लगा हुआ हूँ ।कविता ,गीत ,मुक्तक ,शेर शायरी लिखना मेरे लिए किसी आराधना से कम नहीं है । ज्यादातर मैं श़ृंगार से परिपूर्ण सृजन करता हूँ ।

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व्याकुलता

व्याकुलता =============== औचित्य क्या मेरे जीवन का नही समझ में आया है इतराते फिरते चकाचौंध में पाश्चात्य रंग ने भरमाया है । ... Read more

प्रेम का प्रथम अहसास

प्रेम का प्रथम अहसास ========================== सावन की छटा से,बादल की घटा से किससे मैं पूछू यार ,तेरा पता…………… नजर एक देखा था ,... Read more

बहुत याद आती है

बहुत याद आती है..... ============================ राजा रानी ओर परियो की बिखरे मोती ओर लडियो की कहती थीं जो एक कहानी मेरी दाद... Read more

नजर का नजराना

नजर का नजराना ===================== मेरे महबूव सनम तेरी नजर के नजराने से मैं नजरबंद हो गया हूँ मैं नजरबंद हो गया हूँ।….. मे... Read more

बंजारन

मैं बंजारन करूँ पुकार साहिब जी ! पधारो हमारे देश मेरे हो वालम बंजारे आजा अपने देश । पथ देख देख नयना पथराये मरुधर भूमि रेत... Read more