raghav dubey

etawah

Joined December 2017

मैं राघव दुबे ‘रघु’ इटावा (उ०प्र०) का निवासी हूं।लगभग बारह बरसों से निरंतर साहित्य साधना में लगा हुआ हूँ ।कविता ,गीत ,मुक्तक ,शेर शायरी लिखना मेरे लिए किसी आराधना से कम नहीं है । ज्यादातर मैं श़ृंगार से परिपूर्ण सृजन करता हूँ ।

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कर्फ्यू

लघुकथा शीर्षक - कर्फ्यू ================= घाटी में लगे कर्फ्यू से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ था, कहीं से भी किसी परिंदे की ... Read more

पवित्र औरत

लघुकथा शीर्षक - पवित्र औरत ================= बाजार से लौटते समय सहसा मेरी दृष्टि एक शव-यात्रा पर पड़ी जिसमें बमुश्किल 5-6 लोग ह... Read more

सवेरा

लघुकथा शीर्षक - सवेरा =================== " अम्मा मेरा चुनाव चिन्ह याद रखना और वोट मुझे ही देना"- नेता जी ने अम्मा के पांव छू कर... Read more

कल भी और आज भी

शीर्षक - कल भी और आज भी ================== गाँव के रामजानकी मंदिर पर हर साल की भाति इस बार भी रामलीला का मंचन हो रहा था जिसमें अह... Read more

मै भी तो बेटी हूँ

कपूर साहब के यहां चल रही पार्टी पूरे सबाब पर थी, शहर के नामी गिरामी लोग इसमें उपस्थित थे, और हो भी क्यों न, कपूर साहब की इकलौती बेटी... Read more

अब और नहीं

शीर्षक - अब और नहीं ============ शादी की चालीसवी सालगिरह पर नेहा और सौरभ बहुत खुश नजर आ रहे थे। सुबह से ही नेहा रसोईघर में सौरभ के... Read more

त्योहारों के सही मायने

लेख - त्योहारों के सही मायने भारतीय सभ्यता अपने आप में एक अनूठी सभ्‍यता रही है, यहाँ के त्योहारो , रीति रिवाजो में अलग ही छवि द... Read more

बिखरते रिश्ते

रिश्तो की घटती माप ============== भारतीय सभ्यता और परंपरा में रिश्तो की एक खास अहमियत होती है जब भी किसी लड़की या लड़के की शादी क... Read more

मोबाइल

लघुकथा शीर्षक - मोबाइल ================ -"अरी बहू कुछ तो ख्याल कर समाज का, बिटिया के पैरों में जंजीर डाल, जंजीर, ,,, इत्ता उड़न... Read more

वचन

लघुकथा शीर्षक - वचन =============== 'सुनिये, मुझे कुछ रुपए चाहिए... माँ का फोन आया था,छुटकी के कॉलेज दाखिले के लिए, कल लास्ट डेट... Read more

नये युग के चरण चिन्ह

लघुकथा शीर्षक - नये युग के चरण चिन्ह ================ कलेक्टर साहब की गाड़ी जैसे ही मलिन बस्ती की ओर आगे बढ़ी तो वे बस्ती का वाता... Read more

वो माँ ही तो है l

वो माँ ही तो है। जिसने लगाया है सीने से मुझ को दिल का टुकड़ा बनाया है मुझ को जिसकी दुआये सदा मेरे हित में है वो माँ ही त... Read more

निरंजना

शीर्षक - निरंजना =============== हिमालय की तराई में बसे उस छोटे से गांव में आज प्रसन्नता व उत्साह का पारावार हिलोरें मार रहा था, ... Read more

रौशनी में अंधेरा

लघुकथा शीर्षक - रोशनी में अंधेरा ================ दीवाली की रात लिपे पुते घरों में प्रकाशित दीये अलग ही छटा बिखेर रहे थे l पूर... Read more

तम के पहरेदार

लघुकथा ============== सुबह का कोई पाँच या सवा पाँच बजा होगा, मै मॉर्निंग वॉक के लिए नगर के बीचों बीच स्थित पार्क की तरफ... Read more

सौदा

============== -'मै जा रहा हूँ, हमेशा हमेशा के लिए इस घर को छोड़कर' रमेश ने पेर छूते हुए माँ बाबूजी से कहा l -'लेकिन तू कहाँ जाएगा... Read more

सच्चा प्यार

शीर्षक - सच्चा प्यार =============== दिव्या की शादी का कार्ड देख, राजू की आंखे फटी की फटी रही गई, उसे पूरा मामला एक दम से समझ में... Read more

सुखिया

शीर्षक - सुखिया =============== मैं मकान की दूसरी मंजिल पर बैठा चाय की चुस्कियाँ ले रहा था। और करना भी क्या था सत्तर की उम्र में... Read more

बड़े लोग

शीर्षक - बड़े लोग =============== डॉ. सीमा की गाड़ी, काली चमचमाती सड़क पर फर्राटे भर रही थी, उन्हें जल्दी थी कॉलेज जाने की.. अभी ... Read more

आखिर क्यों

लघुकथा शीर्षक - आखिर क्यों ============== 'पापा' ,मुझे दहेज के पच्चीस लाख रुपये चाहिए शादी से पहले, -बेटी रमा ने संजय से कहा ... Read more

पथ चुनाव

शीर्षक - पथ चुनाव =============== स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर, कॉलेज का सभागार, विशेष मेहमानों, शहर के वरिष्ठ जनो ओर छात्र छा... Read more

तूलिका

तूलिका ========== माँ मुझे दिलवा दो एक तूलिका जिससे मैं अपने सपनो का धरती आकाश बनाऊंगी सपनों का सुंदर देश बनाऊँगी.... ... Read more

लक्ष्य भेद

शीर्षक - लक्ष्य भेद ================ 'रमेश' 'क्या तुमने आज का अखबार देखा' पत्नी सीमा ने मुझसे कहाl 'नहीं तो ऎसी क्या खास बात ... Read more

गुरु पर्व

शीर्षक - गुरु पर्व ================ गुरुजी के आश्रम में काफी चहल पहल थी, भक्तों का तांता लगा हुआ था l जयकारे धरती अंबर में गुंजा... Read more

कफन के साये में

शीर्षक - कफन के साये में =============== शहर के बीचो बीच काली चमचमाती बलखाती सड़क पर, जहाँ एक ओर ऊंची ऊंची इमारतें अपने बड़प्पन ... Read more

कल की भोर

शीर्षक-कल की भोर ================ सरला ने व्रद्धाश्रम के बरामदे में जैसे ही प्रवेश किया... पीछे से आवाज आई.. 'नमस्कार बहन जी' ... Read more

झरना

शीर्षक- झरना ============= निर्जन वन में लगातार बहता हुआ झरना कभी न रुकने कभी न झुकने का सबब है नितांत अकेले वन में विचरता... Read more

कन्या पूजन

विधा -लघु कथा शीर्षक- कन्या पूजन ============== आज नवरात्रि के पावन त्योहार पर रामनाथ के घर पर काफी चहल पहल थी। हलवा चना का भोग द... Read more

स्वार्थ

लघु कथा शीर्षक-स्वार्थ ============= "सज्जन भाई साहब ऐसा कैसे कर सकते है इतने खुदगर्ज कैसे हो सकते है कुछ तो ख्याल रखा होता अपनी... Read more

चाय पानी

लघु कथा शीर्षक-चाय पानी =============== राम सिंह ने आज आँफिस से छुट्टी ले रखी थी! अपने बच्चों के दाखिले के लिए कई तरह के प्रणा... Read more

बन बैठी हूँ दीवानी, श्याम तेरे प्यार में

बन बैठी हूँ दीवानी, श्याम तेरे प्यार में ================= बन बैठी हूँ दीवानी ,श्याम तेरे प्यार में मैं दुनिया भुला बैठी तेरे इंत... Read more

मेरे भाग्य की लकीरो पर

मेरे भाग्य की लकीरों पर मेरे महवूब का नाम है प्यार इतना मिला ,मैंने सोचा नहीं हो गई है सुबह ,न रही शाम है .... जब से वो मेर... Read more

महिला दिवस

महिला दिवस ================ महिला दिवस आज किस लिए बस प्रतीत होता है यह एक मजाक कहाँ सुरक्षित है महिला ... नही पता डर... Read more

होली

होली के इन पावन रंग से रंग दे मोहे साँबरिया डाल प्रीति के रंग अनोखे रंग दे मोरी चूनरियाँ ..... प्रीति रंग है बड़ा सुहाना इसस... Read more

प्यारा हिंदुस्तान माँगता हूँ

प्यारा हिंदुस्तान माँगता हूँ =================== सदा बुलंदी पर लहराये परचम मेरे भारत का हो नतमस्तक दुनिया सारी गुण गान करे भार... Read more

मैं बेटी हूँ..

मैं बेटी हूँ.... ================== मैं बेटी हूँ आजाद परिंदे सी मुझ को उड़ने दो जीत जाऊंगी जग से मैं जग से मुझ को लड़ने दो। मै... Read more

व्याकुलता

व्याकुलता =============== औचित्य क्या मेरे जीवन का नही समझ में आया है इतराते फिरते चकाचौंध में पाश्चात्य रंग ने भरमाया है । ... Read more

प्रेम का प्रथम अहसास

प्रेम का प्रथम अहसास ========================== सावन की छटा से,बादल की घटा से किससे मैं पूछू यार ,तेरा पता…………… नजर एक देखा था ,... Read more

बहुत याद आती है

बहुत याद आती है..... ============================ राजा रानी ओर परियो की बिखरे मोती ओर लडियो की कहती थीं जो एक कहानी मेरी दाद... Read more

नजर का नजराना

नजर का नजराना ===================== मेरे महबूव सनम तेरी नजर के नजराने से मैं नजरबंद हो गया हूँ मैं नजरबंद हो गया हूँ।….. मे... Read more

बंजारन

मैं बंजारन करूँ पुकार साहिब जी ! पधारो हमारे देश मेरे हो वालम बंजारे आजा अपने देश । पथ देख देख नयना पथराये मरुधर भूमि रेत... Read more